अफीम की खेती पर सियासत गर्म, भूपेश बघेल बोले- सरकार का नया स्टार्टअप
मामलों में दोषियों के विरुद्ध कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी : सीएम

रायपुर। छत्तीसगढ़ में अफीम की खेती को लेकर सियासत गरमाई हुई है। मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल लगातार मुखर हैं। राज्य सरकार को घेरने में लगे हुए हैं। अब बघेल ने इसे सरकार के नए स्टार्टअप करार दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों की आय दोगुनी नहीं, बल्कि सौ गुनी करने की रणनीति पर काम कर रही है। बीजेपी से जुड़े हुए लोग प्रदेश में अफीम की खेती कर रहे हैं। लोगों ने पहले अफीम-डोडा को नहीं देखा था। अब दुर्ग, बलरामपुर के बाद धमतरी जिले के नगरी, सिहावा में भी अफीम की खेती करने की जानकारी मिली है। इस मामले में सीएम विष्णु देव साय ने तीखा पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में होने वाले सभी अपराधों के खिलाफ हमारी सरकार ने त्वरित और सख्त कार्रवाई की है। सभी जिलों में मामलों की जांच के स्पष्ट निर्देश भी दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार को जनता ने बड़ा जनादेश दिया था, लेकिन उन्होंने उस विश्वास के साथ घोर विश्वासघात करते हुए प्रदेश को अपराध का गढ़ बना दिया और जमकर भ्रष्टाचार किया। इस वजह से आज कांग्रेस के नेताओं को किसी भी विषय पर सवाल उठाने का नैतिक अधिकार नहीं है। सीएम ने कड़ा रुख अपनाते हुए सभी जिलों के कलेक्टरों को अपने-अपने जिलों में संभावित क्षेत्रों का व्यापक सर्वे कराने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा है कि यह सुनिश्चित किया जाए कि राज्य के किसी भी क्षेत्र में अवैध रूप से अफीम की खेती न हो रही हो। उन्होंने कलेक्टरों को निर्देशित किया है कि 15 दिवस के भीतर प्रमाण पत्र सहित विस्तृत जांच रिपोर्ट शासन को प्रस्तुत करना सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री साय ने कहा है कि राज्य में अवैध मादक पदार्थों के उत्पादन और कारोबार के प्रति सरकार जीरो टॉलरेंस की नीति पर कार्य कर रही है और ऐसे मामलों में दोषियों के विरुद्ध कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री के निर्देश के पालन में आयुक्त भू-अभिलेख द्वारा राज्य के सभी जिला कलेक्टरों को सर्वे कर जांच रिपोर्ट और उनके जिले में अफीम की खेती नहीं किए जाने संबंधी प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने के संबंध में पत्र जारी किया गया है।




