मध्य प्रदेश

‘एक गिलास शुद्ध पानी नहीं दे पाई 22 साल की सत्ता’: दूषित पानी से मौतों पर कांग्रेस की न्याय यात्रा

मुआवजा, इस्तीफे और हत्या के केस की मांग

इंदौर। दूषित पानी पीने से हुई मौतों को लेकर कांग्रेस ने इंदौर में बड़ा सियासी और सामाजिक संदेश देने वाली न्याय यात्रा निकाली। यह यात्रा बड़ा गणपति से शुरू होकर राजवाड़ा तक पहुंची। यात्रा में बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए। यात्रा के दौरान lalluram.com से खास बातचीत में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार ने साफ कहा कि यह कोई राजनीतिक यात्रा नहीं है, बल्कि पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने की लड़ाई है। उन्होंने कहा कि इंदौर में दूषित पानी पीने से जिन लोगों की मौत हुई है, उनके परिजनों को सरकार एक-एक करोड़ रुपये मुआवजा दे। इसके साथ ही महापौर, संबंधित मंत्री और पार्षद से इस्तीफा लिया जाए। उमंग सिंगार ने आरोप लगाया कि यह सिर्फ लापरवाही नहीं, बल्कि गंभीर अपराध है। उन्होंने मांग की कि जिम्मेदार अधिकारियों पर गंभीर धाराओं में हत्या का मामला दर्ज किया जाए। जब तक दोषियों पर कार्रवाई नहीं होती, कांग्रेस का संघर्ष जारी रहेगा।कांग्रेस ने साफ किया कि यह न्याय यात्रा सत्ता के खिलाफ नहीं, बल्कि सिस्टम की नाकामी के खिलाफ है। दूषित पानी जैसी बुनियादी समस्या में लोगों की जान जाना प्रशासन की पूरी तरह विफलता को दिखाता है।

न्याय नहीं मिलने पर आंदोलन को और तेज किया जाएगा

इस न्याय यात्रा का नेतृत्व पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने किया। यात्रा में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार, पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा, सह प्रभारी उषा नायडू, महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष रीना बोरासी, शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे, जिला कांग्रेस अध्यक्ष विपिन वानखेड़े सहित कई विधायक और सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि पीड़ित परिवारों को न्याय नहीं मिला और दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इंदौर की सड़कों पर निकली यह न्याय यात्रा प्रशासन के लिए एक सीधा संदेश बनकर सामने आई।

शुद्ध हवा-पानी देने में सरकार फेल

कांग्रेस की न्याय यात्रा के दौरान प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी ने सरकार पर सीधा और गंभीर हमला बोला। उन्होंने कहा कि पिछले दिनों प्रदेश भर में हजारों लोगों की मौत हुई है और वह उन सभी दिवंगत नागरिकों को श्रद्धांजलि अर्पित करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी इंसान को जीने के लिए कम से कम शुद्ध हवा और शुद्ध पानी की जरूरत होती है, लेकिन पिछले कुछ सालों से मध्य प्रदेश के नागरिकों को यह बुनियादी अधिकार तक नहीं मिल पा रहा है। प्रदेश प्रभारी ने कहा कि अगर पूरे हिंदुस्तान में सबसे ज्यादा दूषित हवा की बात करें तो राजस्थान पहले नंबर पर है और मध्य प्रदेश दूसरे नंबर पर आता है। वहीं, अगर सबसे गंदे पानी की बात करें, जिसे आम लोगों को मजबूरी में पीना पड़ रहा है, तो उसमें भी मध्य प्रदेश सबसे आगे खड़ा है। यह हालात सरकार की नाकामी को साफ दिखाते हैं। उन्होंने कहा कि इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों की घटना सिर्फ एक हादसा नहीं है, बल्कि यह हम सभी के लिए एक बड़ा संदेश है।

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