क्रिकेट के 73 नियम बदले: अब टेस्ट क्रिकेट में नहीं होगा ऐसा, हवा में बल्ला उछालने पर मिलेगी ‘सजा’
पहला बड़ा बदलाव- टेस्ट मैच के आखिरी ओवर से जुड़ा है

टी20 विश्व कप 2026 का मंच तैयार है. 7 फरवरी से इस मेगा इवेंट का आगाज होने जा रहा है. इस टूर्नामेंट से ठीक पहले क्रिकेट के 73 नियम बदल दिए गए हैं. ये सभी बदलाव मेरिलबोन क्रिकेट क्लब (MCC) ने किए हैं, जो क्रिकेट के नियम बनाती है. बदले गए नियम 1 अक्टूबर 2026 से लागू होंगे. इस बार डेड बॉल, ओवरथ्रो, बाउंड्री पर लिए जाने वाले कैच, विकेटकीपर की पोजीशन जैसे कई नियम बदले गए हैं. 2022 के बाद नियमों में यह सबसे बड़ा अपडेट माना जा रहा है. यहां हम आपके लिए टेस्ट क्रिकेट में हुए उन 2 सबसे बड़े बदलाव के बारे में बता रहे हैं, जो बेहद खास हैं और हर तरफ इस बदलाव की चर्चा हो रही है. टेस्ट क्रिकेट के जिस नियम में सबसे बड़ा बदलाव हुआ है, वो टेस्ट मैच के दौरान दिन के आखिरी ओवर से जुड़ा है. अब अगर टेस्ट मैच के दिन के आखिरी ओवर में विकेट गिरेगा, तो वो दिन वहीं खत्म नहीं होगा. नया बदलाव ये है कि दिन का आखिरी ओवर हर हाल में पूरा किया जाएगा, चाहे कुछ भी हो. ये बदलाव लॉ 12.5.2 के तहत किया गया है. एमसीसी की नियम उप-समिति का ये मानना था कि पुराना नियम बैटिंग टीम के पक्ष में झुका था और रोमांच खत्म हो जाता था, लेकिन अब बैटर को दिन के आखिरी ओवर की सभी बॉल खेलनी पड़ेंगी.
आखिर क्यों बदला गया ये नियम?
इस नियम को बदलने को लेकर एमसीसी ने जो कहा, वो भी आपको जानना चाहिए. एमसीसी ने अपने बयान में कहा कि ‘अगर फील्डिंग टीम आखिरी ओवर में विकेट लेती है और बल्लेबाजी टीम को नया खिलाड़ी भेजने की जरूरत नहीं पड़ती, तो यह नाइंसाफी है. यह वक्त अक्सर बॉलर्स के लिए अनुकूल होता है, ऐसे में रोमांच खत्म हो जाता है.’ यही वजह है कि अब आगे ऐसा नहीं होगा.




