खंडवा में अनोखा विरोध-प्रदर्शन: घुटनों के बल और लेटकर कलेक्ट्रेट पहुंचे लोग
जनसुनवाई में गाया भजन, बोले- इनके भी घर तोड़ दो भगवान

खंडवा। एमपी के खंडवा में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के खिलाफ मंगलवार को सूरजकुंड वार्ड के रहवासियों और नेता प्रतिपक्ष ने अनोखे अंदाज में विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी घुटनों के बल चलते और लेटते हुए जनसुनवाई तक पहुंचे, जिससे पूरे कलेक्ट्रेट परिसर में हलचल मच गई। प्रदर्शनकारी कलेक्ट्रेट के हॉल में भी घुस गए, जहां उन्होंने करीब एक घंटे तक धरना दिया। इस दौरान भजन गाए गए और नाराज लोगों ने कहा – भगवान, इनके भी घर तोड़ दो। दरअसल, ये पूरा मामला रेलवे की ओर से प्लेटफार्म नंबर 6 के पीछे रेलवे कॉलोनी और नाले के बीच बने 16 निर्माण एक दिन पहले तोड़े गए थे। इसी कार्रवाई के विरोध में लोग सड़कों पर उतरे। रहवासियों का कहना है कि बिना पर्याप्त समय दिए उनके घर और निर्माण तोड़े जा रहे हैं।
सीमांकन कराने का आश्वासन
जानकारी के मुताबिक, रेलवे अब तक घासपुरा मालगोदाम, कब्रिस्तान रोड और प्लेटफार्म नंबर 6 के पीछे करीब 100 अतिक्रमण हटा चुका है, जबकि 150 से ज्यादा निर्माण चिन्हित किए गए हैं। प्रदर्शन के बाद प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर से मुलाकात की। कलेक्टर ने शाम तक दोबारा सीमांकन कराने का आश्वासन दिया, जिसके बाद प्रदर्शनकारी लौट गए।
कल भी कलेक्टर कार्यालय में की थी नारेबाजी
आपको बता दें कि कल भी अतिक्रमण हटाए जाने से नाराज लोग कलेक्टर कार्यालय पहुंचे थे। इस दौरान जमकर नारेबाजी करते हुए कहा था कि हमारे ऊपर से बुलडोजर चला दे और हमारी समाधि बना दो, यहां हम वर्षों से रह रहे है। महिलाओं ने कहा कि हमे यहां से हटाने से पहले हमारे रहने का इंतजाम किया जाए, यहां पांच पीढ़ियों से रह रहे है, हम सभी टैक्स भी देते है। रेलवे ने कार्रवाई करते हुए कुछ मकानों पर बुलडोजर चढ़ा दिया।
नेता प्रतिपक्ष ने सिटी मजिस्ट्रेट के पड़े थे पैर
सोमवार को हंगामे के दौरान अजीब वाकया भी हुआ था। नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष दीपक मुल्लू राठौर ने सिटी मजिस्ट्रेट बजरंग बहादुर के पैर पड़े थे। उनका कहना था कि यह लोग जेल भेज देते है, इसलिए इनको बजरंग बली समझ कर उनके पैर पकड़ लिए। नेता प्रतिपक्ष दीपक ने आरोप लगाया कि हिंदुत्व का दावा करने वाले कहा है ? त्योहार के दौरान माता बहनों को हटाया जा रहा है और यह सब चुप है, ऐसे हिंदू राष्ट्र बनायेंगे ?

