‘पवन सिंह को थप्पड़ मारना चाहिए था…’ हरियाणवी एक्ट्रेस अंजलि राघव की कमर छूने पर महिला आयोग सख्त
2 अप्रैल को सुनवाई के लिए बुलाया, भोजपुरी स्टार की बढ़ी मुश्किलें

लाइव शो के दौरान हरियाणवी एक्ट्रेस अंजलि राघव की कमर छूने के मामले में भोजपुरी सिंगर-एक्टर पवन सिंह (Pawan Singh) की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। लाइव शो के दौरान स्टेज पर अंजलि राघव की कमर छूने के मामले को हरियाणा महिला आयोग (Haryana Women Commission) ने गंभीरता से लिया है। आयोग ने भोजपुरी स्टार और अंजलि राघव को 2 अप्रैल को सुनवाई के लिए बुलाया है। हरियाणा महिला आयोग की अध्यक्ष रेनू भाटिया ने कहा है कि रियाणवी एक्ट्रेस अंजलि राघव की हमारे पास शिकायत आई है। 4 महीने पहले की घटना है। एक्ट्रेस ने बताया कि मुझे लगा मेरे कपड़े पर टैग लगा है, जिसे वे हटाने की कोशिश कर रहे हैं। रेनू भाटिया ने कहा कि ऐसी घटना पर एक्ट्रेस को चांटा मारना चाहिए था। इस मामले में दोनों कलाकारों को बुलाया जाएगा। इस घटना से उन्हें मिलने वाले रोल मिला या नहीं मिला, यह अलग विषय है। 2 अप्रैल को फरीदाबाद सुनवाई के लिए बुलाया गया है। सुनवाई के दौरान बात की जाएगी। बता दें कि अंजलि राघव ने कहा कि हाल ही में रैपर सिंगर बादशाह के मामले में महिला आयोग के सख्त रवैये के बाद शिकायत करने की हिम्मत जुटाई थी। अंजलि ने कहा कि उस दिन लखनऊ में पहले मंच पर पवन सिंह ने गलत तरीके से कमर छुई। यह अनुचित व्यवहार था। यही नहीं बाद में बदनाम करने के लिए सुनियोजित तरीके से सोशल मीडिया और मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया गया। एक्ट्रेस का कहना है कि इसी वजह से उनका दिल्ली रामलीला में सीता का रोल छिन गया। अंजलि ने कहा कि पवन सिंह की पीआर टीम ने मुझे लगातार धमकियां दीं गई। कहा गया कि मेरी सामाजिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाएंगे और बदनाम किया जाएगा। मेरे खिलाफ कई फर्जी और आपत्तिजनक पोस्ट किए गए। कुछ क्षेत्रीय मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए मेरे बारे में झूठी कहानियां और अफवाहें भी फैलाई गईं। इन घटनाओं के कारण मुझे मानसिक पीड़ा और सामाजिक अपमान का सामना करना पड़ा। इसका असर मेरे काम पर भी पड़ा। मैं दिल्ली रामलीला में पिछले लंबे समय से माता सीता का किरदार निभाती आ रही थी। मुझसे वो किरदार छीन लिया गया। जो मेरी दिवंगत माता की अंतिम इच्छा से जुड़ा था। कुछ लोगों ने मेरा और परिवार का बहिष्कार किया, जिससे अवसाद की स्थिति में पहुंच गईं।




