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पीवी सिंधु ने रचा इतिहास, सिंगल्स मुकाबलों में ऐसा कारनामा करने वाली बनीं पहली भारतीय महिला बैडमिंटन खिलाड़ी

अब क्वार्टर फाइनल में चेन यू फेई से टक्कर

भारतीय महिला बैडमिंटन की स्टार खिलाड़ी पीवी सिंधु ने एक बार फिर देश का नाम रोशन किया है। इंडोनेशिया मास्टर्स सुपर 500 बैडमिंटन टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए सिंधु ने न सिर्फ क्वार्टर फाइनल में अपनी जगह पक्की की, बल्कि एक ऐसा ऐतिहासिक मुकाम भी हासिल किया, जो इससे पहले किसी भी भारतीय महिला खिलाड़ी ने सिंगल्स में हासिल नहीं किया था।

प्री-क्वार्टर फाइनल में शानदार जीत

इंडोनेशिया मास्टर्स में पीवी सिंधु का प्री-क्वार्टर फाइनल मुकाबला डेनमार्क की लाइन होजमार्क कजेरफेल्ड के खिलाफ खेला गया। इस मुकाबले में सिंधु ने बेहतरीन लय में नजर आते हुए सीधे सेटों में जीत दर्ज की। उन्होंने पहला गेम 21-19 और दूसरा गेम 21-18 के अंतर से जीतते हुए मात्र 43 मिनट में मैच अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ ही पीवी सिंधु ने अपने करियर में सिंगल्स मुकाबलों की 500वीं जीत दर्ज कर ली। इसी के साथ वह भारत की पहली महिला बैडमिंटन खिलाड़ी बन गई हैं, जिन्होंने यह उपलब्धि हासिल की है। इतना ही नहीं, पीवी सिंधु दुनिया की उन चुनिंदा खिलाड़ियों में शामिल हो गई हैं, जिन्होंने सिंगल्स में 500 या उससे अधिक मैच जीते हैं। विश्व स्तर पर वह यह मुकाम हासिल करने वाली छठी महिला खिलाड़ी हैं। इंडोनेशिया मास्टर्स के क्वार्टर फाइनल में अब पीवी सिंधु का सामना चीन की वर्ल्ड नंबर-4 खिलाड़ी चेन यू फेई से होगा। दोनों खिलाड़ियों के बीच अब तक 13 मुकाबले खेले जा चुके हैं, जिनमें चेन यू फेई ने 7 मैच जीते, जबकि पीवी सिंधु 6 बार विजयी रही हैं। ऐसे में यह मुकाबला बेहद रोमांचक होने की उम्मीद है।

लक्ष्य सेन ने भी बढ़ाया भारत का मान

महिला वर्ग के साथ-साथ पुरुष वर्ग में भी भारत का प्रदर्शन शानदार रहा। लक्ष्य सेन ने इंडोनेशिया मास्टर्स 500 के क्वार्टर फाइनल में अपनी जगह बना ली है। उन्होंने प्री-क्वार्टर फाइनल में हांगकांग के जेसन गुनावन को महज आधे घंटे में 21-10 और 21-11 के अंतर से सीधे सेटों में मात दी। अब क्वार्टर फाइनल में लक्ष्य सेन का सामना थाईलैंड के पक्कापोन तीरारत्सकुल से होगा। कुल मिलाकर, इंडोनेशिया मास्टर्स में भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन जारी है और पीवी सिंधु की ऐतिहासिक उपलब्धि ने एक बार फिर भारतीय बैडमिंटन की ताकत को दुनिया के सामने साबित कर दिया है।

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