महामंडलेश्वर हनीट्रैप कांड: महाराज को रेप के आरोप में फंसाने की साजिश, पूर्व साध्वी ने बुना था साजिश का जाल
महिला को लालच देकर झूठा आरोप लगवाया

उज्जैन। मध्य प्रदेश के उज्जैन में महामंडलेश्वर के साथ हनीट्रैप कांड सामने आया है। जहां शांति स्वरूपानंद महाराज को रेप के आरोप में फंसाने की साजिश की गई। इस मामले में दो पर एफआईआर की गई है। बताया जा रहा है कि पूर्व साध्वी ने साजिश का जाल बुना था। 50 हजार रुपये में डील हुई थी। फिलहाल महाकाल थाना पुलिस ने बरीकी से जांच पड़ताल शुरू कर दी है। वहीं अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने भी मामले में संज्ञान लेते हुए कार्रवाई की बात कही है। उज्जैन के प्रसिद्ध चारधाम मंदिर के पीठाधीश्वर, निरंजनी अखाड़े के महामंडलेश्वर शांति स्वरूपानंद महाराज को बदनाम कर करोड़ो की उगाही और मंदिर पर कब्जे की बड़ी साजिश का पुलिस ने खुलासा किया है। मामले में पुलिस ने पूर्व महामंडलेश्वर साध्वी मंदाकिनी पुरी और उसके साथी घनश्याम पटेल के खिलाफ गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने बनारस की एक महिला को 50 हजार रुपए का लालच देकर महामंडलेश्वर पर बलात्कार का झूठा आरोप लगाने के लिए तैयार किया था। रंगपंचमी के दिन दत्त अखाड़ा परिसर में संदिग्ध गतिविधियों के दौरान महंत आनंदपुरी महाराज की सतर्कता से यह पूरा मामला पकड़ा गया। पूछताछ में महिला ने स्वीकार किया कि उसे डरा-धमकाकर और पैसों का लालच देकर उज्जैन लाया गया था।
पद दिलाने के नाम पर ठगी का भी आरोप
पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी मंदाकिनी पुरी का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। वहीं, एक अन्य संत नर्मदा शंकर ने भी मंदाकिनी पर पद दिलाने के नाम पर करीब 9 लाख रुपए की ठगी का आरोप लगाया है। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क और साजिश के पीछे शामिल अन्य चेहरों की तलाश कर रही है। इस मामले को लेकर चार धाम मंदिर के पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर शांति स्वरूपानंद महाराज ने बताया कि इस षड्यंत्र की सूचना हमे पूर्व से ही मिल गई थी, इसलिए समय रहते हम सचेत हो गए और बच गए।
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने कार्रवाई की कही बात
इसके साथ ही इस पूरे घटनाक्रम पर अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने भी संज्ञान लिया है। अखाड़ा परिषद अध्यक्ष रवींद्र पुरी महाराज ने संतो के विरुद्ध इस प्रकार के षड्यंत्रों पर चिंता व्यक्त करते हुए मंथन कर कार्रवाई की बात कही है। वहीं रविंद्रपुरी महाराज ने बताया कि हम गृहमंत्री से बात करेंगे कि संतो को लेकर कोई विशेष कानून बनाया जाए, जिसमें संत समुदाय को टारगेट करने वाले लोगों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।




