वार्ड के विवाद ने लिया सियासी मोड़, महापौर प्रतिनिधि ने अपनी ही सरकार पर उठाए सवाल
वायरल वीडियो से हड़कंप, निगम कमिश्नर मुर्दाबाद के लगे नारे

इंदौर। वार्ड 74 में टैक्स वसूली से शुरू हुआ विवाद अब पूरी तरह राजनीतिक आग में बदल गया है। नगर निगम के एआरओ और पार्षद पति के बीच हुए टकराव के बाद मामला न सिर्फ पुलिस थाने तक पहुंचा, बल्कि अब महापौर प्रतिनिधि विवेक सिन्हा के बयान ने बीजेपी सरकार के भीतर हलचल मचा दी है। दरअसल, विवेक ने देर रात एक फेसबुक लाइव किया, जिसमें वे सीधे तौर पर पुलिस प्रशासन पर दबाव में काम करने के आरोप लगाते नजर आए। हालांकि यह वीडियो कुछ ही देर बाद उन्होंने डिलीट कर दिया, लेकिन तब तक यह सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो चुका था। सवाल खड़ा होता है कि बीजेपी सरकार में क्या किसी और राजनीतिक पार्टी का दबाव है या फिर यह सीधे तौर पर मुख्यमंत्री पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं। वायरल वीडियो में विवेक सिंघा कहते नजर आ रहे हैं-“रात का एक बज चुका है… 80 वर्ष की लाडली बहना थाने में बैठी हैं, लेकिन पुलिस एफआईआर दर्ज नहीं कर रही। आखिर पुलिस किसके दबाव में काम कर रही है? पार्षद दल के नेता कमल वाघेला, सचेतक बबलू शर्मा, राजेश उदावत, मलखान कटारे, शानू शर्मा, भावेश दावे, आयुष रावल और प्रशांत बडवे- सब यहां मौजूद हैं, लेकिन पुलिस प्रशासन किसी भी प्रकार का सहयोग करने के लिए तैयार नहीं है। यहां क्षेत्रीय पार्षद भी मौजूद है।

