छत्तीसगढ़

सीएमडीसी अध्यक्ष सौरभ सिंह और खनिज सचिव पी दयानंद ने बताई दो वर्ष की उपलब्धि

वित्तीय वर्ष के अंत तक छत्तीसगढ़ को मिलेगा 17 हजार करोड़ का राजस्व

रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य प्राकृतिक संसाधनों में खनिज संपदा में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है. वित्तीय वर्ष 2025-26 में दिसंबर 2025 तक 10,345 करोड़ का खनिज राजस्व प्राप्त हुआ. 2025-26 के अंत तक छत्तीसगढ़ लगभग 17,000 करोड़ राजस्व लक्ष्य की ओर अग्रसर है. देश के कुल खनिज उत्पादन में छत्तीसगढ़ की औसतन 17% हिस्सेदारी रही. वहीं राज्य के सकल घरेलू उत्पाद में खनिज क्षेत्र का लगभग 10% योगदान है. इस बात की जानकारी छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के अध्यक्ष सौरभ सिंह ने प्रेस वार्ता में दी. प्रदेश में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व वाली सरकार के दो साल के कार्यकाल का सीएमडीसी के अध्यक्ष सौरभ सिंह के साथ पत्रकार वार्ता में मौजूद सचिव, भौमिकी एवं खनिकर्म पी. दयानंद ने लेखा-जोखा दिया. सचिव ने बताया कि योजनाबद्ध खनन नीतियों से राज्य के खनिज राजस्व में लगातार बढ़ोतरी हो रही है. राज्य गठन के समय 429 करोड़ से बढ़कर 2024-25 में खनिज राजस्व 14,592 करोड़ तक पहुंचा गया है. यही नहीं छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य बना, जिसने लीथियम खदान की नीलामी की. पी दयानंद ने बताया कि पीएम खनिज कल्याण क्षेत्र योजना 2024 के अनुरूप DMF के नियमों में संशोधन हुआ है. DMF के तहत अब तक 16,742 करोड़ रुपए का अंशदान प्राप्त हुए. इससे खनन प्रभावित क्षेत्रों के लिए 1,07,689 विकास कार्य स्वीकृत हुए. आज की तारीख में DMF के 75,901 कार्य पूर्ण हो चुके हैं, वहीं शेष कार्य प्रगति पर हैं. DMF कार्यों की निगरानी के लिए राज्य डीएमएफ पोर्टल 2.0 लागू है. उन्होंने बताया कि खनिज खोज के लिए NMEDT के तहत 1,159 करोड़ रुपये जमा किए गए हैं. क्रिटिकल मिनरल्स को विकसित भारत 2047 के लिए अति महत्वपूर्ण माना गया है. केंद्र सरकार ने नेशनल क्रिटिकल मिनरल मिशन लागू है. कोरबा में लीथियम खदान से स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए अवसर बने हैं. इसके साथ सुकमा व बस्तर क्षेत्र में लीथियम व रेयर अर्थ मिनरल्स की खोज परियोजना स्वीकृत दी गई है. प्रदेश में विश्व स्तरीय लौह अयस्क, कोयला, चूना पत्थर, बॉक्साइट के विशाल भंडार है. डीप सीडेट, क्रिटिकल व स्ट्रेटेजिक मिनरल्स की उपलब्धता प्रमाणित है.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button