दुनियाराष्ट्र

सांवलिया सेठ के भंडार से निकले 10 करोड़ रुपये, सोना-चांदी और सिक्कों की गिनती बाकी

राजस्थान के चित्तौड़गढ़ (Chittorgarh) जिले में स्थित भगवान श्री सांवलिया सेठ मंदिर (Sanwaliya Seth Temple) में दानपात्र से करोड़ों का कैश निकला है. इतनी बड़ी रकम को देखकर भक्त दंग रह गए हैं. आलम यह है कि चार दिन बाद भी नोटों की गिनती लगातार जारी है. नोटों की गणना के बाद सोने-चांदी और अन्य जेवर की गणना की जाएगी. नोटों की गिनती कड़े सुरक्षा पहरे में की जा रही है.

सांवलिया सेठ मंदिर का दानपात्र परंपरानुसार कृष्ण पक्ष चतुर्दशी मंगलवार को खोला गया था. निर्धारित समय पर राजभोग आरती के बाद भगवान का भंडार खोला गया. तब से लगातार नोटों की गिनती जारी है. शुक्रवार देर शाम तक हुई गिनती में 11 करोड़ 37 लाख 5 हजार 500 रुपए का चढ़ावा निकला. शेष नोटों की गिनती अभी जारी है. इसके बाद सोने, चांदी और अन्य गहनों की गणना की जाएगी. मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे की गिनती के दौरान मंदिर मंडल अध्यक्ष व बोर्ड सदस्य मौजूद रहे.

सांवलिया सेठ मंदिर चित्तौड़गढ़ से 28 किमी दूरी पर भादसोड़ा ग्राम में है. प्रसिद्ध सांवलिया सेठ मंदिर कृष्ण धाम के रूप में चर्चित है. मंडफिया मंदिर देवस्थान विभाग राजस्थान सरकार के अन्तर्गत आता है. मान्यता है कि जो भक्त खजाने में जितना देते हैं, सांवलिया सेठ उससे कई गुना ज्यादा भक्तों को वापस लौटाते हैं. व्यापार जगत में उनकी ख्याति इतनी है कि लोग अपने व्यापार को बढ़ाने के लिए उन्हें अपना बिजनेस पार्टनर बनाते हैं.

राजस्थान का यह एक ऐसा मंदिर है जहां दान पात्र को हर महीने खोला जाता है. यहां हर महीने करोड़ों रुपए की धनराशि और सोना चांदी जेवर दान स्वरूप आते हैं. कई बार तो दानपात्र से वाहनों की चाबियां भी निकली है. भक्त मंदिर के बाहर नया वाहन खड़ा कर चाबी दानपात्र में डाल जाते हैं. कहा जाता है कि यहां भक्त अपने बिजनेस में भगवान सांवलिया सेठ को पार्टनर बनाते हैं और प्रोफिट होने पर उनका हिस्सा दानपात्र में डाल जाते हैं. यही वजह है कि यहां हर महीने करोड़ों रुपए चढ़ावा आता है.

भंडारे से निकलता है डॉलर, पाउंड, दिनार

सांवलिया जी मंदिर का भंडारा माह में एक बार खोला जाता है. यह चतुर्दशी को खुलता है और इसके बाद अमावस्या का मेला शुरू होता है. होली पर यह डेढ़ महीने में और दीपावली पर दो महीने में खोला जाता है. सांवलिया सेठ मंदिर में कई एनआरआई श्रद्धालु भी आते हैं. एनआरआई सांवलिया जी को डॉलर, अमरीकी डॉलर, पाउंड, दिनार, रियॉल आदि के साथ कई देशों की मुद्रा भी चढ़ाते हैं.

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