
राजनांदगांव. खैरागढ़ कलेक्ट्रेट के सामने तीन दिनों से धरने पर बैठी महिला की तबीयत बिगड़ गई है. महिला को आनन-फानन में खेरागढ़ हॉस्पिटल लाया गया, जहां उसकी बिगड़ती स्थिति को देखते हुए मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल राजनांदगांव में भर्ती किया गया है.
नवागांव घाट निवासी झामन बाई के मकान को पंचायत ने अतिक्रमण बताकर ढहा दिया है. महिला विधवा है और उसके चार बच्चे भी है. झामन बाई ने अन्य ग्रामीणों की तरह आबादी जमीन पर मकान बनाकर बच्चों के साथ रह रही थी. लेकिन पंचायत ने एकमात्र उसके ही मकान को अतिक्रमण बताकर ढहा दिया. इसके विरोध में महिला तीन दिनों से कलेक्ट्रेट के सामने मुझे न्याय चाहिए का तख्ती लेकर धरने पर बैठे हुई थी. महिला रात भी कलेक्ट्रेट के बाहर ही गुजार रही थी. झामन बाई ने बताया कि उसकी आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर है. अकेले ही उस पर चार बच्चों की भी जिम्मेदारी है. उस पर पंचायत ने उसका मकान ढहाकर उसे सड़क पर ला दिया है. झामन बाई प्रशासन से मदद की गुहार लगाते हुए तीन दिनों से 24 घंटे कलेक्ट्रेट के सामने डटी रही. लेकिन प्रशासनिक अफसरों ने गंभीरता नहीं दिखाई. ठंड में खुले में रात गुजारन की वजह से झामन बाई की तबीयत बिगड़ गई है. जिसका इलाज मेडिकल कॉलेज में जारी है. इस पूरे घटनाक्रम से प्रशासन की संवेदनशीलता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं.



