
केंद्र सरकार ने सोमवार, 21 नवंबर को हवाई यात्रियों को बड़ी राहत दे दी है. दरअसल, सरकार (Government) ने अब इंटरनेशनल पैसेंजर (International Passenger) के लिए एयर सुविधा फॉर्म (Air Suvidha Form) रद्द कर दिया है, यानी अब भारत (India) आने वाले कोई भी पैसेंजर को इस फॉर्म को भरने की जरूरत नहीं रहेगी. आपको बता दें कि कोरोना महामारी के दौरान सरकार ने सभी इंटरनेशनल पैसेंजर्स की जानकारी लेने के लिए इस फॉर्म को जरूरी किया था. इसे नागरिक उड्डयन मंत्रालय और स्वास्थ्य मंत्रालय ने मिलकर तैयार किया था. ये खबर यात्रियों के लिए इसलिए भी खास है क्योंकि इस फॉर्म के साथ कई दस्तावेज लगाने होते थे, जिसमें हजारों रुपये का खर्च आता था. अब ये खर्च लोगों का बच जाएगा.
कोरोना महामारी के दौरान भारत आने वाली सभी अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की सरकार के पास पर्याप्त जानकारी मौजूद है, इसे ध्यान में रखते हुए नागरिक उड्डयन मंत्रालय और स्वास्थ्य मंत्रालय ने मिलकर एयर सुविधा फॉर्म को शुरू किया था. Air Suvidha Form भारत आने वाले सभी अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को अनिवार्य रूप से भरना होता था. एयर सुविधा फॉर्म में यात्रियों की वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति और हाल की यात्रा के विवरण के साथ की अन्य जानकारी देनी होती थी. साथ ही उसे अपना वैक्सीन सर्टिफिकेट और नेगेटिव RT-PCR रिपोर्ट भी सबमिट करना होता था.
नागरिक उड्डयन मंत्रालय की तरफ से जारी बयान के मुताबिक कल यानी मंगलवार 22 नवंबर से अब यह झंझट खत्म हो जाएगा. Air Suvidha Form के शर्तों के मुताबिक, विदेशों से भारत आने वाले 5 साल से अधिक उम्र वाले सभी यात्रियों के लिए फ्लाइट में बैठने से पहले RT-PCR टेस्ट कराना अनिवार्य था. दुनिया के कई देशों में RT-PCR कराना काफी महंगा है. उदाहरण के लिए मालदीव में RT-PCR की लागत 7,000 रुपये प्रति व्यक्ति है.
सरकार की तरफ से नियमों में यह ढील ऐसे समय में आया है, जब उसने हवाई यात्रियों के लिए एयरपोर्ट और फ्लाइट में मास्क पहना भी अनिवार्य से स्वैच्छिक कर दिया है. पिछले महीने ही FHRAI (फेडरेशन ऑफ होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया) ने सरकार से एयर सुविधा फॉर्म भरने की अनिवार्यता को खत्म करने की मांग की थी. FHRAI ने कहा था कि कोरोना महामारी का प्रकोप अब काफी कम हो गया है, ऐसे में यह फॉर्म अब पर्यटन के विकास में बाधक बन रहा है.


