अब मेदांता अस्पताल में अपनी सेवा देंगे एम्स दिल्ली के पूर्व निदेशक डॉ रणदीप गुलेरिया

एम्स के पूर्व निदेशक डॉ रणदीप गुलेरिया ने मेदांता हॉस्पिटल से जुड़ गए हैं. मेदांता अस्पताल ने सोमवार को डॉ रणदीप गुलेरिया को इंस्टीट्यूट ऑफ इंटरनल मेडिसिन एंड रेस्पिरेटरी एंड स्लीप मेडिसिन का अध्यक्ष और चिकित्सा शिक्षा निदेशक नियुक्त करने की घोषणा की.
एक आधिकारिक बयान में, अस्पताल ने कहा कि डॉक्टर गुलेरिया को डॉक्टरों की अपनी टीम को और मजबूत करने के लिए नियुक्त किया गया है जो विश्व स्तरीय और समग्र स्वास्थ्य सेवा प्रदान करती है.
‘डॉ. गुलेरिया का मेदांता परिवार में स्वागत’
गुलेरिया की नियुक्ति पर, मेदांता के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक, डॉ नरेश त्रेहन ने कहा, ‘डॉ रणदीप गुलेरिया जैसे वरिष्ठ चिकित्सक की नियुक्ति हमारी अत्यधिक निपुण और सम्मानित टीम का विस्तार करके हमेशा उच्चतम स्तर की क्लीनिकल देखभाल प्रदान करने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाती है. हम हमारी क्लीनिकल और शैक्षणिक क्षमताओं को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं, हम डॉ. गुलेरिया का मेदांता परिवार में स्वागत करते हैं.’
उनके राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय जर्नल में 400 से ज्यादा लेख प्रकाशित हैं. वह कई किताबों के लिए 49 चैप्टर लिख चुके हैं. उन्होंने अपने प्रयासों से साल 2011 में एम्स में पलमोनारी मेडिसन एंड स्लीप डिसॉर्डर का अलग विभाग स्थापित किया था. उनकी रुचि शिक्षा और अनुसंधान में भी है. गौरतलब है कि डॉ. गुलेरिया ने शिमला के इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस किया था.
कोविड काल में मिली वैश्विक पहचान
उसके बाद उन्होंने चंडीगढ़ के पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च से डॉक्टरेट ऑफ मेडिसिन (DM) किया. मेदांता अस्पताल से पहले डॉ. गुलेरिया दिल्ली एम्स के डायरेक्टर थे. उन्होंने यहां तीन दशकों तक फैकल्टी के रूप में सेवाएं दीं. डॉ. गुलेरिया को भारत सरकार पद्मश्री और डॉय बीसी रॉय अवॉर्ड से सम्मानित कर चुकी है. जानलेवा कोविड काल में शानदार काम करने की वजह से उन्हें विश्व में एक अलग पहचान मिली. वह विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) से भी जुड़े हुए हैं.


