अयोध्याः दिसंबर 2023 तक श्रीराम मंदिर के गर्भगृह का काम पूरा करने का लक्ष्य , साठ फीसदी काम पूरा

अयोध्या श्रीराम जन्म भूमि परिसर में तैयार होने वाले राम मंदिर के निर्माण का कार्य साठ फीसदी से अधिक पूरा हो चुका है. ऐसे में संभावना है कि तय अवधि से पहले ही निर्माण कार्य को पूरा कर लिया जाए.
श्रीराम जन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के तत्वावधान में मंदिर निर्माण की बैठक में बुधवार को भी मंदिर निर्माण से जुड़े विभिन्न मुद्दे पर मंथन हुआ.
अब अगले चरण में मंदिर के परकोटा व परिक्रमा मार्ग का निमार्ण शुरू होने जा रहा है, इसे लेकर तैयारी पर भी प्रमुख रूप से मंथन किया. मंदिर निर्माण को लेकर आगे कोई बड़ा कार्यक्रम तय करने के लिए अब कोरोना के नये वैरिएंट की गाइडलाइन के मद्देनजर रूप रेखा तय करने पर भी चर्चा की गई.
बैठक में इस विषय पर भी विचार किया गया कि श्रीराम मंदिर निर्माण पूरा हो जाने के बाद जनवरी 2024 में मकर संक्रांति के दिन जब रामलला भव्य राम मंदिर में स्थापित किए जाएंगे तो लोग उनके दर्शन के लिए भारी संख्या में आ सकते हैं. ऐसे में कोविड संक्रमण के बचाव को ध्यान में रखकर व्यवस्था पर भी विचार किया गया.

तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव एवं वीएचपी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष चंपत राय और निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा सहित कई अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी इसमें शामिल रहे. बैठक में अन्य सदस्यों के साथ एलएंडटी व टाटा कंसल्टेंसी के इंजीनियर भी मौजूद रहे. जिसमें मंदिर निर्माण के अब तक के काम के अलावा मंदिर निर्माण के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत चर्चा की गई.
वीएचपी नेता के अनुसार मंदिर ट्रस्ट की बैठक में कई तकनीकी पहलुओं पर भी गंभीर चर्चा हो सकती है. पदाधिकारी के अनुसार भगवान का प्राण प्रतिष्ठित किया जाने वाला विग्रह किस पत्थर का बने, कैसा बने, उसका चेहरा कैसा हो उसका पोस्टर कैसा हो, देश के कौन ख्याति नाम लोग हैं जो इस काम को अपने हाथ में ले सकते हैं इसको लेकर भी चर्चा की गई.
साथ ही पर्यटकों के लिए किस तरह की व्यवस्था मंदिर परिधि के नजदीक तैयार हो सके एवं श्रीराम के वन गमन से लेकर अन्य जरूरी विषयों को किस तरह से श्रद्धालुओं की भावनाओं के अनुरूप तैयार किया जाए, इसे लेकर भी मंथन किया गया. वीएचपी नेता के अनुसार समिति ने इस पर विचार किया कि मंदिर में उत्तम से उत्तम हो और सब लोगों की श्रद्धा के अनुसार तैयार हो सके. राम मंदिर में विराजमान करने वाली प्रभु राम की प्रतिमा को तैयार करने में इस्तेमाल होने वाले पत्थर, आकार, मुद्रा व मूर्तिकार टीम को लेकर भी चर्चा हुई है.


