हरित हाइड्रोजन हब बनेगा भारत सिंह

नई दिल्ली . केंद्रीय ऊर्जा मंत्री आरके सिंह ने कहा है कि भारत दुनिया में हाइड्रोजन के सबसे प्रतिस्पर्धी स्रोत के रूप में उभरेगा. राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन के निर्णय को साहसी कदम करार देते हुए कहा कि देश 2030 से पहले 50 लाख टन वार्षिक ग्रीन हाइड्रोजन के उत्पादन को लक्ष्य को हासिल कर लेगा.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट के राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन को मंजूरी के एक दिन बाद मीडिया से बात करते हुए आरके सिंह ने कहा कि सरकार खनिज तेल आयात पर निर्भरता कम करने की दिशा में काम कर रही है और ग्रीन हाइड्रोजन मिशन ऊर्जा स्वायत्तता हासिल करने में मदद करेगा.
उन्होंने कहा कि विकसित देशों ने हरित हाइड्रोजन क्षेत्रों के लिए भारी सब्सिडी घोषित कर रखी है. यह सब्सिडी विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूएचओ) के मानदंडों का उल्लंघन है. इसके साथ हरित हाइड्रोजन की कीमतों को प्रतिस्पर्धी बनाने में विकसित देशों की हरित हाइड्रोजन पर बड़ी सब्सिडी उद्योग के लिए बड़ी चुनौती होगी.
केंद्रीय मंत्री आरके सिंह ने हाइड्रोजन मिशन के मुद्दे पर उद्योग से जुड़े लोगों के साथ बैठक भी की है. उन्होंने उद्योग से जुड़े लोगों से कहा कि इस मिशन को सक्षम बनाने के लिए हम सबको एक इकाई के रूप में काम करना चाहिए.


