
मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने कहा है कि जोशीमठ में जोखिमपूर्ण हो चुके दो होटलों को छोड़कर कोई भी घर नहीं टूटेगा. उन्होंने आपदा प्रभावितों को फौरी तौर पर डेढ़-डेढ़ लाख मदद के भी निर्देश दिए हैं. मुआवजा तय करने के लिए एक कमेटी गठित कर दी गई है.
भू-धंसाव के चलते जोशीमठ में 723 से ज्यादा घरों में दरारें आ चुकी हैं. दरारग्रस्त भवनों को गिराए जाने को लेकर प्रभावित लोगों के विरोध को देखते मुख्यमंत्री धामी ने खुद कमान संभाल ली. धामी ने बुधवार को स्पष्ट कहा कि जोशीमठ में कोई भी घर नहीं टूटेगा. उन्होंने लोगों से संयम की अपील करते हुए कहा कि जिन दो क्षतिग्रस्त होटलों से आस- पास के घरों को खतरा पैदा हो रहा है, सिर्फ उन्हीं को तोड़ने का निर्णय लिया गया है. सीएम धामी बुधवार को फिर जोशीमठ पहुंच गए और रात वहीं पीड़ितों के बीच बिताएंगे. विरोध के चलते खतरनाक भवनों को दूसरे दिन भी नहीं गिराया जा सका.
भूधंसाव से प्रभावित भवनों का सर्वे किया जा रहा है. असुरक्षित भवनों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर अस्थायी विस्थापन किया जा रहा है. प्रभावित परिवारों को तत्कालिक तौर पर डेढ़ लाख की धनराशि अंतरिम सहायता के रूप में दी जा रही है. जिसमें 50 हजार रुपये घर शिफ्ट करने और 1 लाख रुपये आपदा राहत मद से एडवांस में उपलब्ध कराया जा रहा है. जो कि बाद में समायोजित किया जाएगा.


