खास खबरराष्ट्र

आम्रपाली ग्रुप के एमडी पर केस दर्ज, सीबीआई की कार्रवाई

लखीसराय जिले के बहुचर्चित बालिका विद्यापीठ मामले की जांच अब सीबीआई करेगी. केंद्रीय जांच ब्यूरो की पटना इकाई ने इससे आम्रपाली ग्रुप के एमडी समेत सात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है.

एफआईआर में आम्रपाली ग्रुप के प्रबंध निदेशक अनिल शर्मा के अलावा लखीसराय के पचहना रोड निवासी डॉ. प्रवीण सिन्हा, पंजाबी मोहल्ला निवासी डॉ. श्याम सुंदर सिंह, नया बाजार में बड़ी दुर्गा स्थान के पास के राजेंद्र सिंघानिया, बालिका विद्यापीठ की प्राचार्या अनिता सिंह, लखीसराय थाना के ही लोदिया के शंभू शरण सिंह, राधेश्याम सिंह और दो अज्ञात को नामजद अभियुक्त बनाया गया है.

लखीसराय में मौजूद बालिका विद्यापीठ के अध्यक्ष डॉ. शरद चंद्र की हत्या दो अगस्त 2014 को सुबह छह बजे उस समय कर दी गयी थी, जब वे इसी विद्यापीठ कैंपस में मौजूद अपने आवास के बरामदे में अखबार पढ़ रहे थे. हत्या की वजह इस संस्थान की पूरी जमीन हड़पना था. इस पूरे षडयंत्र में स्थानीय लोगों के साथ अनिल शर्मा का नाम भी सामने आया था. मृतक की पत्नी उषा शर्मा ने इन सभी को नामजद अभियुक्त बनाते हुए लखीसराय थाना में एफआईआर दर्ज करायी थी. परंतु पुलिस मामले की तह तक नहीं पहुंच पाई और आज तक इस षडयंत्र से जुड़े किसी की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है. एफआईआर में यह भी आरोप लगाया गया है कि मृतक के वास्तविक उत्तराधिकारी के नाम को स्थानीय लोगों की मदद से हटा दिया गया था. इसके बाद मृतक के घर पर कई बार हमले भी किये गये और उन्हें लगातार धमकी दी जा रही थी.

सीआईडी ने भी की थी मामले की जांच

इस मामले की जांच बिहार पुलिस की सीआईडी से भी करवायी गयी थी, लेकिन इसकी जांच पर हाईकोर्ट ने यह टिप्पणी की है कि सच्चाई बाहर लाने के लिए सीआईडी के स्तर से सच्चाई बाहर लाने के लिए सही ढंग से प्रयत्न नहीं किया गया है.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button