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गणतंत्र दिवस परेड में कई राज्यों की झांकियां मन मोहेंगी

गणतंत्र दिवस समारोह में कई राज्यों की झांकियां मन मोहेंगी. समरोह में इस बार कुल 23 झांकियां शामिल की गई हैं. इनमें 17 राज्यों की हैं जबकि छह केंद्र सरकार से जुड़े महकमों की हैं. यह झांकियां देश की संस्कृति, आर्थिक प्रगति, नारी शक्ति और आंतरिक और बाहरी सुरक्षा में हुई प्रगति को प्रदर्शित करती हैं.

रक्षा मंत्रालय के अनुसार राज्यों की झांकियों में उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, झारखंड, असम, अरुणाचल प्रदेश, त्रिपुरा, पश्चिम बंगाल, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, दादर नागर हवेली एवं दमन दीव, गुजरात, हरियाणा, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, कर्नाटक तथा केरल की झांकिया हैं. केंद्रीय महकमों की झांकियों में संस्कृति मंत्रालय, केंद्रीय अर्धसैनिक बलों (गृह मंत्रालय), नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो, शहरी विकास मंत्रालय की तरफ से लोक निर्माण विभाग, आदिवासी महकमे तथा कृषि मंत्रालय की झांकियां शामिल हैं. झांकियों में महकमों द्वारा अपने पिछले सालों की उपलब्धियों को दर्शाया गया है.

गणतंत्र दिवस की परेड में पहली बार स्वापक नियंत्रण ब्यूरो (एनसीबी) की झांकी को शामिल किया जाएगा, जिसके जरिये नशा से दूरी का सार्वभौमिक संदेश दिया जाएगा. एनसीबी की झांकी के साथ उसके कर्मी और श्वान दस्ते के दो सदस्य भी परेड में हिस्सा लेंगे. झांकी की थीम है नशा मुक्त भारत रखी गई है.

कार्बेट नेशनल पार्क को दिखाया जाएगा उत्तराखंड की झांकी का विषय मानसखंड है. यह मार्च पास्ट में चौथे स्थान पर होगी. झांकी के अग्र तथा मध्य भाग में कार्बेट नेशनल पार्क में विचरण करते हुए हिरन, बारहसिंघा, घुरल, मोर तथा उत्तराखण्ड में पाये जाने वाली विभिन्न पक्षियों को दिखाया गया है जबकि पृष्ठ भाग में प्रसिद्ध जागेश्वर मन्दिर समूह तथा देवदार के वृक्षों को दिखाया गया है. साथ ही उत्तराखंड की प्रसिद्ध लोक कला ‘ऐपण’ का भी झांकी के मॉडल में समावेश किया गया है. झांकी के साथ उत्तराखण्ड की लोक संस्कृति को प्रदर्शित करने के लिए छोलिया नृत्य का दल सम्मिलित किया गया है. झांकी का थीम सांग उत्तराखण्ड की लोक संस्कृति पर आधारित है.

हरियाणा की झांकी की थीम अन्तरराष्ट्रीय गीता महोत्सव हरियाणा की झांकी की थीम अन्तरराष्ट्रीय गीता महोत्सव है. इसके माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण के विराट स्वरूप के दर्शन होंगे. रक्षा मंत्रालय द्वारा झांकियों के चयन को जोन के आधार पर किया जाता है. इसके तहत देश के छह अलग-अलग जोन से झांकियों का चुनाव किया जाता है. चयन का कार्य समिति द्वारा कई दौर के परामर्श के बाद किया जाता है.

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