
घरेलू शेयर बाजार 27 जनवरी शुक्रवार से एक नए दौर में प्रवेश कर रहा है. इसमें अंतिम सूची में शामिल बड़ी कंपनियों के शेयरों की खरीद-बिक्री का निपटान सौदा होने के एक दिन बाद (टी प्लस 1) ही हो जाएगा. इससे समय कम लगने से छोटे निवेशकों की संख्या में और वृद्धि का अनुमान है.
टी प्लस 1 यानी ट्रेड प्लस वन बताता है कि बाजार में व्यापार संबंधित सौदों का निपटान कारोबार के बाद एक दिन के भीतर हो जाएगा. अबतक घरेलू शेयर बाजार में खरीद-बिक्री का निपटान सौदे के बाद दो कामकाजी दिवस (टी प्लस 2) में होता है.
इसके पहले शेयर बाजार नेशनल स्टॉक एक्सचेंज और बीएसई ने नवंबर 2021 में संयुक्त बयान में कह था कि वह चरणबद्ध तरीके से टी प्लस 1 निपटान व्यवस्था शुरू करेंगे. इसकी शुरुआत 25 फरवरी, 2022 से हई. शुरू में बाजार मूल्यांकन के लिहाज से नीचे की 100 कंपनियां इस व्यवस्था में शामिल हुईं. उसके बाद, बाजार पूंजीकरण मानदंड के आधार पर 500 शेयरों को मार्च के अंतिम शुक्रवार को शामिल किया गया. उसके बाद हर महीने अन्य शेयरों को शामिल किया जाता रहा.
दो दशक में तीन बदलाव यह पहली बार नहीं है जब सेबी ने सौदा निपटान चक्र को कम करने के लिए कदम उठाया है. इससे पहले, 2002 में बाजार नियामक ने निपटान में लगने वाले समय को टी प्लस 5 से घटाकर टी प्लस 3 किया था. फिर 2003 में इसे कम कर टी प्लस 2 कर दिया गया.
निवेशकों को क्या होगा फायदा मौजूदा समय में शेयर खरीदने या बेचने पर खाते में पैसा या शेयर आने में सौदे के दिन को छोड़कर दो दिन और लगते हैं. टी प्लस 1 से एक दिन घट जाएगा. ऐसे में शेयर बेचने पर अगले ही दिन पैसे खाते में आ जाएंगे. इससे निवेशकों के पास जल्द नकदी उपलब्ध होगी जिससे वह आसानी से नया शेयर खरीदने में सक्षम होंगे.
क्या होगा खास
● सौदों का निपटान जल्दी होने से नकदी के लिए लंबा इंतजार नहीं करना होगा
● मार्जिन की जरूरत कम होगी जिससे छोटे निवेशकों की संख्या में और वृद्धि होगी
● भारत टी प्लस 1 के साथ अमेरिका से आगे निकल जाएगा
● चीन में टी प्लस 1 व्यवस्था आशिंक रूप से लागू है
म्यूचुअल फंड में भी समय घटाने पर विचार
बाजार विशेषज्ञ इक्विटी म्यूचुअल फंड और एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ईटीएफ) के लिए भी निपटान अवधि को छोटा करने का सुझाव दे रहे हैं. मौजूदा समय तक इक्विटी म्यूचुअल फंड में टी प्लस 3 और ईटीएफ में टी प्लस 2 निपटान व्यवस्था है.



