कनाडा में मंदिर पर हमला, भारत विरोधी नारे लिखे

कनाडा के ब्रैम्पटन में एक प्रसिद्ध हिंदू मंदिर पर खालिस्तानी समर्थकों ने हमला कर उसकी दीवारों पर भारत विरोधी नारे लिखे. मंदिर पर हुए हमले के बाद भारतीय समुदाय में में भारी गुस्सा है.
टोरंटो में भारतीय महावाणिज्य दूतावास ने मंगलवार को ब्रैम्पटन के प्रसिद्ध गौरी शंकर मंदिर में तोड़फोड़ और मंदिर की दीवारों पर भारत विरोधी नारे लिखने वाली घटना की निंदा की. दूतावास ने मंगलवार को एक बयान जारी कर कहा कि मंदिर में तोड़फोड़ से कनाडा में भारतीय समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंची है. हमने कनाडा सरकार के अधिकारियों के सामने ऐसी घटनाओं पर अपनी चिंता जाहिर की है.
पुजारी ने कहा, सरकार पासपोर्ट रद्द करे ब्रैम्पटन स्थित गौरी शंकर मंदिर के संस्थापक और पुजारी धीरेंद्र त्रिपाठी ने मंगलवार को भारत सरकार से अपील की कि कनाडा में जो भी भारत विरोधी गतिविधियों में संलिप्त हैं, उनका पासपोर्ट रद्द किया जाए. उन्होंने कहा कि गौरी शंकर मंदिर में तोड़फोड़ की घटना को समाज विरोधी तत्वों ने सोमवार रात को अंजाम दिया. ब्रैम्पटन के महापौर पैट्रिक ब्राउन ने घटना की निंदा करते हुए कहा कि इस घृणात्मक तोड़फोड़ की घटना का हमारे शहर या देश में कोई जगह नहीं है.
पहले भी हो चुके हैं हमले ब्रैम्पटन में हिंदू मंदिर पर हमला कोई नयी घटना नहीं है, पिछले साल जुलाई से कनाडा में इस तरह के कम से कम तीन मामले सामने आए थे. भारतीय विदेश मंत्रालय ने पिछले साल सितंबर में एक बयान जारी कर कहा था कि भारतीयों के खिलाफ घृणा अपराधों और कनाडा में अन्य भारत विरोधी गतिविधियों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है. भारत ने कनाडा सरकार से घटनाओं की ठीक से जांच करने का आग्रह भी किया था.
अन्य देशों में भी हुईं इस प्रकार की घटनाएं
इस साल की शुरुआत में जनवरी में ऑस्ट्रेलिया में 15 दिन के भीतर तीन बार अलग-अलग मंदिरों पर हमला कर भारत विरोधी नारे लिखे गए. पहला मामला 12 जनवरी को मेलबर्न में सामने आया था. इसके बाद 15 जनवरी को एक हिंदू मंदिर पर हमला किया गया. वहीं 29 जनवरी को विक्टोरिया प्रांत में मंदिर को निशाना बनाकर भारत विरोधी नारे लिखे गए. इन घटना को खालिस्तानी समर्थकों ने अंजाम दिया था. पिछले साल इंग्लैंड के लेस्टर शहर, बांग्लादेश और पाकिस्तान में भी मंदिरों में तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आईं थीं.


