
नई दिल्ली. अडानी शेयर प्रकरण में रेटिंग एजेंसियों ने शुक्रवार को अपना पक्ष रखा. जहां मूडीज इन्वेस्टर्स सर्विस ने आगाह किया कि अडानी समूह की कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट की वजह से पूंजी जुटाने की समूह की क्षमता प्रभावित हो सकती है. वहीं, एक अन्य रेटिंग एजेंसी फिच ने कहा कि अभी समूह की रेटिंग प्रभावित नहीं होगी.
उधर, टोटल एनर्जीज ने अडानी की दो कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी को लेकर कहा कि समूह के शेयरों में भारी गिरावट के बीच उसने अपनी हिस्सेदारी को लेकर कोई पुनर्मूल्यांकन नहीं किया है. अडानी टोटल गैस में फ्रांसीसी कंपनी की 37.4 हिस्सेदारी है जबकि अडाणी ग्रीन एनर्जी में उसकी हिस्सेदारी 20 प्रतिशत है. बैंक बोले, निवेश सुरक्षित भारतीय स्टेट बैंक ने कहा कि अडानी की कंपनियों को उसने करीब 27,000 करोड़ रुपये का कर्ज दिया है जो कुल ऋणों का सिर्फ 0.88 प्रतिशत है. जम्मू एंड कश्मीर बैंक ने भी कहा है कि उसका कर्ज सुरक्षित है और निवेशकों को चिंता करने की जरूरत नहीं है.
हिंडनबर्ग के खिलाफ जनहित याचिका उच्चतम न्यायालय में एक जनहित याचिका दायर कर हिंडनबर्ग रिसर्च के नाथन एंडरसन और भारत तथा अमेरिका में उसके सहयोगियों के खिलाफ मुकदमा चलाने की मांग की गई है.


