
दिल्ली पुलिस की साइबर सेल यूनिट ने ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है जो उपराष्ट्रपति की फोटो लगे व्हाट्सऐप अकाउंट से फर्जीवाड़ा कर रहा था. पुलिस ने सीनियर आईएएस अधिकारी से बातचीत कर काम निकलवाने की कोशिश करने वाले दो जालसाजों को गिरफ्तार किया है.
आरोपियों में जम्मू निवासी गगनदीप सिंह और पंजाब के पटियाला निवासी अश्विनी कुमार शामिल हैं. गगनदीप वर्तमान में परिवार के साथ इटली में रह रहा है. इटली से ही उसने 12वीं की है. पुलिस ने इनके पास से पांच मोबाइल जब्त किए हैं.
डीसीपी प्रशांत गौतम मुताबिक, उनकी टीम को सूचना मिली थी कि कोई व्यक्ति भारत के उपराष्ट्रपति की फोटो लगाकर व्हाट्सऐप अकाउंट के जरिए सीनियर आईएएस अधिकारियों से बातचीत कर रहा है और उनसे काम के लिए बोल रहा है. इसके बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की.
पता चला कि आरोपी भारतीय नंबर से व्हाट्सऐप का इस्तेमाल कर रहा है, लेकिन इंटरनेट सर्वर इटली का इस्तेमाल किया जा रहा है. इसके बाद पुलिस ने पंजाब के पटियाला से अश्विनी कुमार को गिरफ्तार किया. उसने बताया कि उसने अपने साथी गगनदीप को व्हाट्सऐप ओटीपी दिया था, जिससे वह एक भारतीय अकाउंट बना सके. इसके बाद आरोपी अधिकारियों को व्हाट्सऐप से मैसेज करने लगा और उनसे काम निकलवाने के लिए कहने लगा.
इंटरनेट से निकाले आईएएस के नंबर
आरोपी ने खुलासा किया कि उसने कई यूटयूब वीडियो देखने के बाद ही उप राष्ट्रपति के नाम का फर्जी व्हाट्सऐप अकाउंट बनाया था. उसने वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों खासतौर से आईएएस के मोबाइल नंबर इंटरनेट के जरिए हासिल किए थे. वह अफसरों के पास मैसेज भेजकर उनसे फेवर मांगने लगा. आरोपी गगनदीप सिंह 2007 से इटली में रहा है. एक कंपनी में बतौर लेबर काम करता है. वहीं, आरोपी अश्विनी कुमार 12वीं तक पढ़ा है और दुकान चलाता है. दोनों से पूछताछ कर पुलिस पता लगा रही है कि इन्होंने अबतक कितने अधिकारियों से संपर्क किया .
पांच मोबाइल बरामद
गगनदीप 2007 से इटली में रह रहा है. पुलिस उसकी लोकेशन को लगातार ट्रेस करने में जुटी थी. बैंक, पासपोर्ट और अन्य जगहों से मिली जानकारी के आधार पर गगनदीप को इंदिरा गांधी एयरपोर्ट से गिरफ्तार कर लिया गया. आरोपियों के पास घटना में इस्तेमाल किए गए पांच मोबाइल बरामद किए गए हैं.




