
भारत के खनन मंत्रालय ने बताया है कि जम्मू कश्मीर में बड़े लिथियम भंडार की खोज हुई है. भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (GSI) ने पहली बार दिल्ली से 650 किमी उत्तर में जम्मू और कश्मीर के रियासी जिले के सलाल-हैमाना क्षेत्र में 5.9 मिलियन टन के लिथियम भंडार का पता लगाया है.
खनन मंत्रालय ने बताया कि लिथियम और गोल्ड सहित 51 खनिज ब्लॉक राज्य सरकारों को सौंपे गए हैं. इन 51 खनिज ब्लॉकों में से 5 ब्लॉक सोने से संबंधित हैं. अन्य ब्लॉक जम्मू कश्मीर (केंद्र शासित), आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात, झारखंड, कर्नाटक के 11 राज्यों में फैले हैं जो पोटाश, मोलिब्डेनम, बेस मेटल आदि जैसी वस्तुओं से संबंधित हैं. जीएसआई ने फील्ड सीजन 2018-19 से अब तक के कामों के आधार पर ये ब्लॉक तैयार किए थे.
इनके अलावा, 7897 मिलियन टन के कुल संसाधन वाले कोयला और लिग्नाइट की 17 रिपोर्टें भी कोयला मंत्रालय को सौंपी गईं. भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण ने रणनीतिक और महत्वपूर्ण खनिजों पर 115 परियोजनाएं और उर्वरक खनिजों पर 16 परियोजनाएं स्थापित की हैं.
लिथियम क्यों है महत्वपूर्ण
लिथियम एक धातु है, जिसका इस्तेमाल इलेक्ट्रिक वाहनों की बैटरी को बनाने में किया जाता है. मोदी सरकार देश में पब्लिक और प्राइवेट ट्रांसपोर्ट दोनों क्षेत्र में इलेक्ट्रिक व्हीकल पर फोकस कर रही है. खास तौर पर दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई और बेंगलुरु जैसे प्रमुख शहरों को अधिक से अधिक इलेक्ट्रिक व्हीकल पर निर्भर बनाने की योजना है. इसके लिए लिथियम भंडार का होना बहुत जरूरी है.
11 राज्यों में खनिज की तलाश
जीएसआई बिहार, छत्तीसगढ़, हिमाचल प्रदेश, जम्मू- कश्मीर, झारखंड, मध्य प्रदेश, मेघालय, कर्नाटक और राजस्थान, अरुणाचल प्रदेश और आंध्र प्रदेश में लिथियम की तलाश कर रहा है. सरकार ने बैटरी के लिए दूसरे देशों पर निर्भरता खत्म करने के लिए 18,100 करोड़ रुपये का निवेश किया है.
डब्ल्यूईएफ के अनुसार वर्ष 2025 तक दुनियाभर में लीथियम की मांग 15 लाख टन रहने का अनुमान है. वर्ष 2030 तक ये 30 लाख टन हो जाएगी. 2021 में दुनियाभर में 54 लाख टन लीथियम का उत्पादन हुआ था. मांग की तुलना में देखें तो वर्ष 2025 तक इसमें तीन गुना और वर्ष 2030 तक उत्पादन में छह गुना तक बढ़ोतरी संभव है.
इन देशों के पास सर्वाधिक भंडार
अमेरिका 10
अर्जेंटीना 27
ऑस्ट्रेलिया 38
चीन 20
चिली 93
चीन
14,000
ऑस्ट्रेलिया
55,416
खनिज के लिए चीन की चाल
विश्व बैंक की रिपोर्ट के अनुसार, लीथियम से जुड़ी कई चीनी कंपनियों का बाजार चिली, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया में फैला है. चीन ने इन देशों में लीथियम के खनन के लिए 560 करोड़ डॉलर से अधिक का निवेश किया है.
अर्जेंटीना
5967
चिली
26,000
स्रोत डब्ल्यूईएफ-2023 (आंकड़े लाख टन में)



