5जी के दौर में अनचाही कॉल, कमजोर नेटवर्क से परेशान लोग

लोकल सर्किल्स नाम की एक कंपनी ने बीते जनवरी माह में उपभोक्ताओं से जुड़े मामलों में 5 जी सेवाओं से लेकर अनचाही कॉल/ एसएमएस और बार-बार कॉल कट जाने की समस्या पर टेलीफोन विभाग और भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) के साथ चर्चा की.
इस संबंध में ट्राई ने 17 फरवरी को मोबाइल फोन ऑपरेटर्स के साथ एक बैठक भी बुलाई है, जिसमें वायरलेस और वायरलेस सेवाओं को लेकर चर्चा की जाएगी. इसके अलावा इस बैठक में सेवाओं की गुणवत्ता (क्यूओएस) की समीक्षा, वर्तमान क्यूओएस मानक, 5जी सेवाओं के लिए क्यूओएस और अवांछित वाणिज्यिक संचार को लेकर भी चर्चा की जाएगी.
लोकल सर्किल्स द्वारा देश के 342 जिलों में किए गए एक सर्वे पता चला कि देश में हर तीन में से दो भारतीय को प्रतिदिन तीन या उससे अधिक परेशान करने वाली कॉल आती हैं. इसके अनुसार अनचाही कॉल में से 50 प्रतिशत व्यक्तिगत नंबरों से आती हैं. इस सर्वे में 56,000 लोगों ने अपना मत दिया है. इनमें से 66 प्रतिशत लोग पुरुष एवं 34 प्रतिशत उपभोक्ता महिलाएं थीं. सर्वे में 48 प्रतिशत लोग टियर 1 शहर, 33 प्रतिशत टियर 2 शहर और 19 प्रतिशत लोग 3 और 4 टियर शहरों के थे.
66 प्रतिशत उपभोक्ताओं के फोन पर रोज आती है कॉल सर्वे में शामिल कुल उपभोक्ताओं में से 11,157 मोबाइल उपभोक्ताओं में 66 प्रतिशत ने कहा कि उनके फोन पर प्रतिदिन तीन या उससे अधिक अनचाही कॉल आती हैं. 96 प्रतिशत उपभोक्ताओं ने यह स्वीकार किया कि उन्हें प्रतिदिन कम से कम एक ऐसी कॉल जरूर आती है, जबकि शेष चार प्रतिशत ने इस बारे में कुछ नहीं कहा.
डीएनडी सूची मामले में मोबाइल ऑपरेटर निष्क्रिय उपभोक्ताओं के मोबाइल में ट्राई और ऑपरेटर्स द्वारा एक सुविधा डू नॉट डिस्टर्ब (डीएनडी) की एक ऐसी सुविधा प्रदान की गई है, जिसमें कोई भी उपभोक्ता अपने मोबाइल ऑपरेटर की वेबसाइट पर जाकर या उन्हें कॉल करके अपना नंबर डीएनडी सूची के तहत दर्ज करवा सकता है. इस मामले में 15,040 लोगों से पूछे जाने पर 92 प्रतिशत लोगों ने ऐसी सुविधा पर हामी भरी. परंतु वास्तविकता में इसका कोई प्रभाव नजर नहीं आता और इससे पता चलता है कि मोबाइल ऑपरेटर्स ने डीएनडी सूची को लेकर कोई गंभीरता नहीं दिखाई है.

