
रेलवे बोर्ड आगामी वित्तीय वर्ष में देशभर में 125 इंटरसिटी वंदे भारत ट्रेन चलाने की योजना बना रहा है. ये ट्रेन प्रमुख रूप से दो बड़े शहरों को जोड़ने का काम करेंगी. रेलवे दशकों पुरानी इंटरसिटी ट्रेन के स्थान पर सेमी हाई स्पीड आधुनिक सुविधा से लैस इंटरसिटी वंदे भारत ट्रेन चलाएगा.
बोर्ड के एक अधिकारी ने बताया, वित्तीय वर्ष 2023-24 एक हजार वंदे भारत ट्रेन कोच का उत्पादन करेगा. इंटरसिटी ट्रेन आठ डिब्बों की होगी. जो कि दो प्रमुख शहरों के बीच चलाई जाएंगी. कुछ ट्रेन प्रदेश की राजधानियों को जोड़ने के लिए चलेंगी. जिनकी दूरी 500 से 600 किलोमीटर की होगी.
वित्तीय वर्ष में 125 इंटरसिटी वंदे भारत ट्रेन चलाने की योजना है. इसके लिए आम बजट में 35,000 करोड़ की बजटीय सहायता मुहैया कराई गई है. रेलवे के विभिन्न कोच उत्पादन फैक्टरियों में 1000 वंदे भारत कोच बनाए जाएंगे. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोकल ट्रेन की तर्ज पर वंदे भारत मेट्रो ट्रेन चलाने की बात कही है.

