प्रसारणकर्ताओं के कारण पांच करोड़ उपभोक्ताओं को परेशानी हुई

कोच्चि . देश के एक प्रमुख बहु-प्रणाली ऑपरेटरों के महासंघ एआईडीसीएफ ने सोमवार को केरल उच्च न्यायालय को बताया कि सिग्नलों को रोकने या प्रसारणकर्ताओं द्वारा उन्हें पहुंचने में बाधा डालने के कारण पांच करोड़ उपभोक्ताओं को पसंदीदा टीवी चैनल देखने में परेशानी हुई.
अखिल भारतीय डिजिटल केबल फेडरेशन (एआईडीसीएफ) ने ट्राई द्वारा 2022 के संशोधित इंटरकनेक्ट विनियम और टैरिफ आदेश को चुनौती देते हुए फैसला होने तक स्टार, सोनी और जी जैसे बड़े प्रसारणकर्ताओं के चंगुल से उपभोक्ताओं को बचाने और इस स्थिति को रोकने की न्यायालय से अपील की.
न्यायमूर्ति शाजी पी चाली के समक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने एआईडीसीएफ का पक्ष रखते हुए कहा, पूर्व के 2020 के विनियमन और टैरिफ आदेश को ट्राई ने फरवरी 2023 तक बढ़ा दिया था. ऐसे में 2022 के नियम को अमल में लाने की जल्दबाजी क्यों थी, जब इस मुद्दे पर सुनवाई हो रही थी.

