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टाटा मोटर्स ने जयपुर में लॉन्च की पहली स्क्रैपिंग फैसिलिटी रीसायकल विद रेस्पेक्ट

टाटा मोटर्स ने आज जयपुर, राजस्थान में अपना पहला रजिस्टर्ड व्हीकल स्क्रैपिंग फैसिलिटी (आरवीएसएफ), Re.Wi.Re – रीसायकल विद रेस्पेक्ट का शुभारंभ किया है. कंपनी ने अपने प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि, यह सस्टेनेबल मोबिलिटी की दिशा में टाटा मोटर्स की तरफ से एक बड़ा कदम है.

केन्द्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री, नितिन गडकरी ने इस अत्याधुनिक फैसिलिटी का उदघाटन किया है. इसकी क्षमता प्रति वर्ष 15,000 वाहनों की है और यहाँ पुराने (जिन वाहनों का समय पूरा हो चुका है) वाहनों को स्क्रैप किया जाएगा.

इस स्क्रैपिंग फैसिलिटी का परिचालन टाटा मोटर्स के पार्टनर गंगानगर वाहन द्वारा किया जा रहा है, और यहाँ सभी ब्रांड के यात्री और वाणिज्यिक पुराने वाहनों को स्क्रैप करने की अत्याधुनिक व्यवस्था की गई है. टाटा मोटर के प्रथम Re.Wi.Re आरवीएसएफ का उदघाटन करते हुए, भारत सरकार केन्द्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री, नितिन गडकरी ने कहा कि, “राष्ट्रीय वाहन स्क्रैपिंग नीति को बेकार और प्रदूषक वाहनों को चरणबद्ध रूप से हटाने के लिए और अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देते हुए कार्बन फुटप्रिंट कम करने के लक्ष्य के साथ लागू किया गया था. मैं वैश्विक मानदंडों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण फैसिलिटी की स्थापना के लिए टाटा मोटर्स को बधाई देता हूँ.”

उन्होनें कहा कि, “हम भारत को पूरे दक्षिण एशियाई क्षेत्र के लिए वाहन स्क्रैपिंग हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में काम कर रहे हैं और इस उद्देश्य के लिए हमें भारत में ज्यादा संख्या में इस प्रकार की अत्याधुनिक स्क्रैपिंग और रीसाइक्लिंग यूनिट्स की ज़रुरत है.”

Re.Wi.Re के लॉन्च के विषय में टाटा मोटर्स के कार्यकारी निदेशक, गिरीश वाघ ने कहा कि, “टाटा मोटर्स में हम मोबिलिटी को अधिक पर्यावरण-हितैषी बनाने के लिए इस पहलू पर गहराई से ध्यान देने के लिए प्रतिबद्ध हैं. इस आरवीएसएफ (रजिस्टर्ड व्हीकल स्क्रैपिंग फैसिलिटी) के उदघाटन के साथ पुराने वाहनों के सुचारू ढंग से स्क्रैप किया जाएगा.” गिरीश वाघ ने कहा कि, “अपने सहयोगियों के साथ मिलकर पूरे देश में Re.Wi.Re स्थापित करने की आशा करते हैं. इन फैसिलिटीज से ग्राहकों को लाभ होगा, लोगों को रोजगार मिलेगा और साथ ही देश में कार्बन फुटप्रिंट को कम करने में मदद मिलेगी.”

इस Re.Wi.Re फैसिलिटी को सभी ब्रांडों के पुराने पैसेंज और कमर्शियल व्हीलक को स्क्रैप करने के लिए डिजाइन किया गया है. यह फैसिलिटी पूरी तरह से डिजिटलीकृत है और इसमें टायरों, बैटरियों, ईंधन, तेल, तरह पदार्थों और गैसों जैसे अवयवों के सुरक्षित विघटन के लिए समर्पित स्टेशंस हैं. वाहनों को एक सख्त दस्तावेजीकरण और विघटन प्रक्रिया से गुजरना होता है, तथा यात्री और वाणिज्यिक वाहनों की ज़रुरत के अनुसार अलग-अलग प्रक्रिया निर्धारित की गई है.

बता दें कि, व्हीकल स्क्रैपिंग पॉलिसी का उद्देश्य पुराने और प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को चरणबद्ध तरीके से बाहर करने की एक योजना है. 1 अप्रैल 2022 से लागू होने वाली ये नीति राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों में अब पुराने वाहनों को स्क्रैप करने के बाद खरीदे जाने वाले नए वाहनों के लिए 25 प्रतिशत की कर छूट प्रदान करेगा. 2021 में, प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने अनुपयुक्त और प्रदूषणकारी वाहनों को चरणबद्ध तरीके से हटाने के लिए राष्ट्रीय वाहन स्क्रैपेज नीति की शुरुआत की थी और नितिन गडकरी ने कहा था कि वह प्रत्येक शहर के केंद्र से 150 किलोमीटर के भीतर एक ऑटोमोबाइल स्क्रैपिंग सुविधा विकसित करना चाहते हैं.

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