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रामलला का जलाभिषेक दुनिया के 155 देशों की नदियों के पानी से होगा

रामनगरी अयोध्या में भगवान रामलला के मंदिर का निर्माण कार्य जोर शोर से चल रहा है. माना जा रहा है कि करीब एक साल से कम वक्त में मंदिर बनकर तैयार हो जाएगा. इसी कड़ी में श्री राम जन्मभूमि का भव्य जलाभिषेक होना है. खास बात ये है कि रामलला का जलाभिषेक न सिर्फ भारत की पवित्र नदियों बल्कि 156 देशों की नदियों और समुद्र के जल से होगा. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 23 अप्रैल को रामलला का जलाभिषेक करेंगे.

दुनिया भर से जल इकट्ठा करने की जिम्मेदारी बीजेपी के दिल्ली के नेता विजय जॉली को सौंपी गई थी विजय जौली ने अपनी टीम के साथ मिलकर ढाई साल में 156 देशों के जल को इकट्ठा किया है. सभी जलों को एक तरह के कलश में सील पैक किया गया है. छोटे-छोटे तांबे के कलश है. रामजन्म भूमि पर 23 अप्रैल को आयोजित होने वाले  इस जलाभिषेक कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सहित एक दर्जन से ज्यादा राजनयिक, साधु संत और 41 देशों के सनातनी हिंदू भी शामिल होंगे.

दुनिया के अलग-अलग नदियों से जल इकट्ठा करने में ना सिर्फ उस देश में रहने वाले भारतीय हिंदू समाज का योगदान है बल्कि मुस्लिम और ईसाइयों ने भी अपना योगदान दिया है.  पाकिस्तान के हिंदुओं ने इसमें शामिल होने में अपनी लाचारी जताई और कहा कि वह यहां खतरे में पड़ जाएंगे . जल को आज दिल्ली से अयोध्या के लिए रवाना किया गया, पूजा पाठ कर बहुत सादगी से ट्रेन के जरिए अयोध्या जल को भेजा गया है सबसे ज्यादा दिक्कत पाकिस्तान से जल मंगाने में हुई है पाकिस्तान से रावी और सिंधु का जल दुबई होकर भारत पहुंचा है. अलग-अलग देशों के 6 राष्ट्र अध्यक्षों ने भी अपने संदेश जलाभिषेक के लिए भेजे हैं.

जलाभिषेक कार्यक्रम में सिर्फ पाकिस्तान और रूस ही नहीं, बल्कि फ्रांस, जर्मनी, जॉर्जिया, स्विट्जरलैंड, इटली, इराक, कनाडा, चीन, भूटान, अफगानिस्तान, ब्राजील, डेनमार्क जैसे कुल मिलाकर 156 देशों का जल शामिल है. जलाभिषेक कार्यक्रम में देश ही नहीं. विदेशों के भी राजनयिक, धार्मिक और आध्यात्मिक गुरुओं के साथ गणमान्य व्यक्तियों को आमंत्रित करने की तैयारी है.  

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