एक हफ्ते में ED को 200 करोड़ की ठगी में FSL रिपोर्ट दाखिल करनी होगी

नई दिल्ली . दिल्ली की पटियाला हाउस अदालत ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को दो सौ करोड़ रुपये के धनशोधन मामले में एक सप्ताह में एफएसएल रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है. मामले में सुकेश चंद्रशेखर और अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडीस आरोपी हैं.
विशेष न्यायाधीश शैलेंद्र मलिक की अदालत ने ईडी को रिपोर्ट पेश करने का निर्देश देते हुए कहा कि जल्द ही आरोपपत्र पर बहस शुरू की जानी चाहिए. विशेष लोक अभियोजक (एसपीपी) ने अदालत को आश्वासन दिया कि निश्चित समय के भीतर एफएसएल एकत्र कर पेश कर दी जाएगी. अदालत ने मामले को 15 मई के लिए सूचीबद्ध किया है. वहीं, कुछ आरोपियों को न्यायिक फाइल का निरीक्षण करने के लिए वकीलों को समय भी दिया, इसमें कहा गया था कि कुछ दस्तावेजों की आपूर्ति नहीं की गई है. जबकि बचाव पक्ष के अन्य वकीलों ने कहा कि आरोपपत्र के साथ सभी दस्तावेज उपलब्ध करा दिए गए हैं. कुछ वकीलों ने कहा कि ईडी ने अहम दस्तावेजों की आपूर्ति नहीं की है. इसके जवाब में ईडी के विशेष लोक अभियोजक ने कहा कि इस संबंध में अदालत से कोई निर्देश नहीं मिला है. इस पर अदालत ने कहा कि निर्देश पहले ही दिया जा चुका है. उच्चतम न्यायालय के ताजा फैसले के मद्देनजर कोई खास निर्देश देने की जरूरत नहीं है. एजेंसी मामले के अहम दस्तावेजों की सूची देने करने के लिए बाध्य है.
जेल में बंद हैं सुकेश के अलावा तीन आरोपी
कोर्ट ने ED को कहा कि वह मामले के अविश्वसनीय दस्तावेजों की सूची पेश करने के लिए बाध्य है. बताते चलें कि अदालत ने 18 अप्रैल को तिहाड़ जेल के तीन अधिकारियों महेंद्र प्रसाद सुंदरियाल, सुंदर बोरा और धरम सिंह मीणा के खिलाफ दायर चार्जशीट का संज्ञान लिया. कोर्ट ने ईडी से पिछले चार साल से चल रही कार्रवाई के पूरा होने का समय पूछा है.
इन तीनों आरोपियों को इसी साल फरवरी में गिरफ्तार किया गया था और वे तभी से न्यायिक हिरासत में हैं. दरअसल ईडी ने इन तीनों आरोपियों पर मनी लॉन्ड्रिंग मामले में शामिल होने का दावा किया है. मामले का मुख्य आरोपी सुकेश चंद्रशेखर जेल में है. वहीं एक्ट्रेस जैकलीन फर्नांडीज जमानत पर हैं.
पूरक आरोपपत्र पर अदालत ने संज्ञान लिया
दूसरी तरफ अदालत ने 18 अप्रैल को तिहाड़ जेल के तीन अधिकारियों महेंद्र प्रसाद सुंदरियाल, सुंदर बोरा और धरम सिंह मीणा के खिलाफ दायर पूरक आरोपपत्र पर संज्ञान लिया. अदालत ने ईडी से पूछा था कि जांच किस चरण में है और यह कब पूरी होगी, क्योंकि यह पिछले चार साल से चल रही है. आरोपी जेल में है और उनके बारे में जांच की क्या स्थिति है. सुनवाई में देरी हो रही है. आरोपी जेल अधिकारियों को फरवरी 2023 में गिरफ्तार किया गया था.
