दिल्ली पुलिस ने महिला पहलवानों के बयान दर्ज करना शुरू किए

नई दिल्ली . रेसलर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (डब्लूएफआई) के प्रमुख बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ आरोपों की जांच में जुटी दिल्ली पुलिस ने शिकायतकर्ता पहलवानों के बयान दर्ज करना शुरू कर दिए हैं. अभी एक महिला पहलवान ने दिल्ली पुलिस के सामने बयान दर्ज करवाया है. पुलिस अब जल्द ही बृजभूषण को भी जांच के लिए बुला सकती है.
दिल्ली पुलिस के अधिकारी इन शिकायतकर्ता पहलवानों के संपर्क में हैं. पहलवानों के बयान के बाद दिल्ली पुलिस सवालों की एक सूची तैयार करेगी, जिसका जवाब बृजभूषण को देना होगा. दिल्ली पुलिस ने सात महिला पहलवानों की शिकायत पर बृजभूषण के खिलाफ कनॉट प्लेस थाने में दो मुकदमे दर्ज किए हैं. शिकायतकर्ताओं में एक नाबालिग पहलवान भी है, जिसके चलते सिंह के खिलाफ पॉक्सो एक्ट भी लगाया गया है. सूत्रों के मुताबिक नाबालिग पहलवान पहले पुलिस के सामने 161 तहत बयान दर्ज करवाएंगी. फिर 164 का बयान भी दर्ज करवाया जा सकता है. 164 का बयान मजिस्ट्रेट के सामने दर्ज होता है, जिसकी कानूनी मान्यता होती है. सोमवार को पहलवानों को समर्थन देने उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत और कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू भी पहुंचे.
न्याय में देरी हुई तो जान की बाजी लड़ाऊंगा धरना स्थल पर पहलवानों के साथ खड़े होकर नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा कि मैं अपने हीरो के लिए आया हूं. यह देश की सभी महिलाओं के सम्मान की लड़ाई है. अगर न्याय में ज्यादा देरी हुई तो जान की बाजी लड़ाऊंगा. सिद्धू ने कहा कि एफआईआर दर्ज करने में दस दिन लगाने वाले अफसर पर भी कार्रवाई होनी चाहिए.
मुझे फांसी दे दो, कुश्ती गतिविधियां मत रोको बृजभूषण
भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह ने सोमवार को कहा कि देश के शीर्ष पहलवानों के विरोध प्रदर्शन के कारण पिछले चार माह से खेल की सभी गतिविधियां ठप हैं. उन्होंने कहा कि मुझे फांसी दे दो, लेकिन कुश्ती की गतिविधियां नहीं रुकनी चाहिए. इससे कैडेट और जूनियर पहलवानों को नुकसान हो रहा है.
बृजभूषण शरण सिंह ने पत्रकारवार्ता में कहा कि राष्ट्रीय कैडेट चैंपियनशिप का आयोजन जो चाहे कर सकता है, डब्ल्यूएफआई को इस पर कोई आपत्ति नहीं है, जहां तक टूर्नामेंट का सवाल है तो फिर विरोध कर रहे पहलवान, आईओए या सरकार जो भी चाहे इसका आयोजन कर सकते हैं. उन्होंने कहा प्रदर्शनकारी पहलवानों, आईओए और सरकार से अपील करता हूं कि आप राष्ट्रीय कैडेट चैंपियनशिप, राष्ट्रीय जूनियर चैंपियनशिप और अन्य टूर्नामेंट का आयोजन करो.
बारिश में भी नहीं डिगे पहलवानों के कदम
जंतर-मंतर पर पहलवानों का बारिश में भी धरना जारी रहा था. हालांकि बरसात अधिक होने पर कुछ देर के लिए धरना स्थल पर संबोधन बंद हो गया था. स्थल पर धरने में शामिल होने वाले लोगों के बैठने के लिए जो गद्दे बिछे उन्हें हटाया दिया गया. साथ ही तिरपाल से टेंट को ढकने के लिए कदम उठाए जा रहे थे. कुछ हिस्से में बरसात का पानी भी भर गया था.

