ई-टोकन पर खाद मांगने वाले किसान पर FIR: जताया अनोखा विरोध, बोरी लपेटकर पहुंचा SDM ऑफिस
तख्ती में लिखा- ‘टोकन के बदले FIR मिली, खाद कब दोगे साहब?’

विदिशा। मध्य प्रदेश के विदिशा जिले के सिरोंज थाना क्षेत्र से एक ऐसा मामला सामने आया है, जो किसानों की बेबसी और प्रशासन की लापरवाही को उजागर करता है। सिरोंज के ग्राम सबलपुर के निवासी किसान मोहन सिंह पर सहकारी समिति प्रबंधक ने ई-टोकन के साथ खाद लेने पहुंचने मात्र पर ही एफआईआर दर्ज करा दी। यह घटना खाद संकट के बीच किसानों के आक्रोश को और भड़का रही है, जहां एक तरफ सरकार पर्याप्त उपलब्धता का दावा कर रही है, वहीं दूसरी तरफ किसान लाइनों में खड़े होकर भी निराश हो रहे हैं। बताया जाता है कि मोहन सिंह ने नियमों के अनुसार ई-टोकन जनरेट कर सहकारी समिति पर डीएपी खाद लेने पहुंचे थे। लेकिन समिति प्रबंधक ने किसी छोटी-मोटी बहस को आधार बनाकर किसान के खिलाफ थाने में शिकायत दर्ज करा दी। थाने में दर्ज एफआईआर में किसान पर समिति में तोड़फोड़ और गाली-गलौज का आरोप लगाया गया है, जबकि किसान का कहना है कि उन्होंने केवल अपनी हक की खाद मांगी थी। यह घटना सिरोंज क्षेत्र में खाद की किल्लत के बीच हुई, जहां किसान सुबह से लाइनों में लगकर भी टोकन मिलने के बाद खाली हाथ लौट रहे हैं। इस अन्याय के खिलाफ किसान मोहन सिंह ने आज अनोखा विरोध प्रदर्शन किया। सिरोंज एसडीएम कार्यालय पहुंचे मोहन सिंह ने एक खाद की बोरी अपने शरीर पर लपेट ली और सीने पर एक तख्ती लटका ली, जिस पर स्पष्ट शब्दों में लिखा था: “टोकन के बदले FIR मिल गई, खाद कब दोगे साहब?” यह तख्ती न केवल किसान की व्यथा को बयां कर रही थी, बल्कि पूरे क्षेत्र के सैकड़ों किसानों की पीड़ा को आवाज दे रही थी। कार्यालय के बाहर खड़े होकर उन्होंने नारेबाजी की और प्रशासन से तत्काल खाद उपलब्ध कराने तथा एफआईआर रद्द करने की मांग की। मोहन सिंह ने बताया, हम टोकन लेकर गए थे, लेकिन प्रबंधक ने हमें अपराधी बना दिया। खेत सूख रहे हैं, फसल बर्बाद हो रही है, फिर भी हमें FIR का सामना करना पड़ रहा है। अगर टोकन से खाद नहीं मिलेगी, तो हमारा क्या होगा?


