मध्य प्रदेश

जब तक मेरे बेटे से ब्राह्मण की बेटी का संबंध नहीं बनता तब तक….

अजाक्स का प्रांतीय अध्यक्ष बनते ही वरिष्ठ IAS ने दिया विवादित बयान, स्वर्ण समाज में आक्रोश

भोपाल। कर्मचारियों के हित में आवाज बुलंद करने वाले अजाक्स संगठन के नवनिर्वाचित प्रांतीय अध्यक्ष ने विवादित बयान दे दिया। वरिष्ठ आईएएस संतोष वर्मा ने सवर्णों की बेटियों के बारे में अभद्र टिप्पणी करते हुए कहा कि ‘जब तक उनके बेटे का ब्राह्मण के बेटी से संबंध नहीं बनता, तब तक आरक्षण जारी रहना चाहिए’। मंत्रालय सेवा अधिकारी/कर्मचारी संघ ने इस बयान की घोर निंदा की और आईएएस अधिकारी पर कार्रवाई की मांग की है। दरअसल, 23 नवंबर 2025 को सेकंड स्टाप, तुलसीनगर स्थित अंबेडकर मैदान में अजाक्स संगठन का प्रांतीय अधिवेशन था। उस कार्यक्रम में अजाक्स के नवनिर्वाचित प्रांतीय अध्यक्ष और वरिष्ठ आईएएस अधिकारी संतोष वर्मा ने कहा, /जब तक मेरे बेटे को कोई ब्राह्मण अपनी बेटी दान नहीं देता या उससे संबंध नहीं बनता तब तक आरक्षण जारी रहना चाहिए।’

मंत्रालय सेवा अधिकारी/कर्मचारी संघ ने बताया सवर्ण समुदाय का अपमान

मंत्रालय सेवा अधिकारी/कर्मचारी संघ अध्यक्ष इंजी. सुधीर नायक ने कहा कि अजाक्स प्रांताध्यक्ष का यह बयान घोर आपत्तिजनक है और समूचे सवर्ण समुदाय का अपमान है। शादी विवाह निजी जिंदगी है। हर वयस्क व्यक्ति अपनी शादी के लिए स्वतंत्र है। कौन किससे शादी करे यह उसका निजी मामला है और फिर बेटी कोई वस्तु नहीं है जो दान की जाए।

‘दलित नेताओं की शादियां ब्राह्मण युवतियों से हुई’

उन्होंने आगे कहा, ‘कानूनी तौर पर तो मां बाप भी अपने पुत्र पुत्री की शादी किससे हो-यह तय नहीं कर सकते। सवर्ण समाज की बेटियों के बारे में एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी द्वारा ऐसा कहा जाना अति निंदनीय है। शादी एक नितांत निजी मामला है, उसका आरक्षण से क्या संबंध? वैसे भी समाज बहुत बदल चुका है। बड़ी संख्या में अंतर्जातीय विवाह हो रहे हैं। आरक्षित और अनारक्षित वर्गों के बीच भी बहुत शादियां हो रही हैं। मेरी जान पहचान में ही ऐसे कई दंपत्ति हैं। दलित नेताओं की शादियां ब्राह्मण युवतियों से हुई हैं।’

सुधीर नायक ने कहा- अम्बेडकर ने ब्राम्हण से की थी शादी

सुधीर नायक ने आगे कहा कि डॉ भीमराव अम्बेडकर ने सविता अंबेडकर से शादी की थी जो ब्राह्मण थीं। रामविलास पासवान ने रीना शर्मा से शादी की थी। इससे यह भी जाहिर होता है कि इनके पास आरक्षण के पक्ष में अब कोई ठोस तर्क नहीं बचा है। इसलिए ऐसी अनर्गल बातें की जा रही हैं। संतोष वर्मा के पहले भी अजाक्स संगठन के अनेक प्रांताध्यक्ष रहे। उन्होंने आरक्षण के पक्ष में तमाम बातें कहीं, लेकिन सवर्ण समाज की बहन बेटियों के बारे में इस तरह की बातें कभी नहीं कहीं।

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