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बदलाव की झलक: बारातियों को देख कलेक्टर बोले- बदल रहा सुपेबेड़ा

बारातियों को देख कलेक्टर बोले – बदल रहा है सुपेबेड़ा

गरियाबंद। कलेक्टर भगवान सिंह उईके बीते शुक्रवार देवभोग पहुंचे और समस्त विभागों में संचालित विभागीय योजनाओं की समीक्षा ली। जिला पंचायत सीईओ प्रखर चंद्राकर और एसपी वेदव्रत सिर मौर्य भी साथ मौजूद रहे। इस दौरान कलेक्टर भगवान सिंह उईके ने सुपेबेड़ा गांव का भी दौरा किया और वहां सजी-धजी शादी विवाह की मंडपों को देखकर ग्रामीणों और महिला समूह से करीब आधा घंटे तक चर्चा की। कलेक्टर ने स्थानीय लोगों से उपलब्ध सुविधाओं, योजनाओं और गांव में हो रहे विकास कार्यों की जानकारी ली।  इस दौरान कलेक्टर ने मीडिया से बातचीत में कहा, “अब सुपेबेड़ा बदल रहा है। सरकार यहां उन तमाम सुविधाओं को उपलब्ध करा रही है जिसकी मांग ग्रामीण कर रहे थे। दो साल पहले तक यहां खराब पानी और उससे होने वाली किडनी की बीमारी की वजह से शादी विवाह के कार्यक्रम नहीं होते थे, लेकिन इस साल गांव में वैवाहिक कार्यक्रमों की संख्या बढ़ गई है। यह बदलती तस्वीर इस गांव की प्रगति का सच्चा प्रमाण है।” कलेक्टर के दौरे के दौरान गांव में शादी के बाराती रंगीन झांकी के साथ निकलते दिखाई दिए। ग्रामीण और महिला समूह ने कलेक्टर को गांव में हुई नई सुविधाओं और योजनाओं से अवगत कराया। कलेक्टर ने कहा कि इस तरह के बदलाव गांव की सामाजिक और आर्थिक प्रगति का प्रतीक हैं और ऐसे उदाहरण पूरे जिले के अन्य गांवों के लिए प्रेरणा हैं। सुपेबेड़ा में शादी विवाह कार्यक्रमों की बढ़ती संख्या और स्थानीय लोगों की भागीदारी ने यह संदेश दिया कि सरकारी योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में विकास के साथ-साथ सामाजिक जीवन में भी सुधार हो रहा है। जनपद सभा कक्ष में बारी-बारी से सभी विभागों की बैठक शुरू हुई। आवास योजनाओं को पूर्ण करने और रोजगार गारंटी के कार्यों में विलंब को लेकर अफसरों ने नाराजगी जाहिर की। सचिवों को फटकार और जनपद सीईओ को सतत् मॉनिटरिंग के निर्देश दिए। आंगनबाड़ियों में स्वीकृत 7 पदों के भर्ती में विलंब पर परियोजना अधिकारी को “कारण बताओ” नोटिस थमाया। किसानों से जुड़ी योजना, बैंकों में बोनस की राशि भुगतान, एलपीजी गैस की उपलब्धता, नोनी सुरक्षा योजना, टीकाकरण जैसे 30 से ज्यादा हितग्राही मूलक योजनाओं को बारीकी से समीक्षा किया गया।

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