मानवता शर्मसार: मासूम के हाथों में थमाई झाड़ू, मोबाइल में मस्त रही महिला कर्मचारी, वीडियो हो रहा वायरल
कामचोरी की हद: मोबाइल में डूबी रही कर्मचारी

ग्वालियर। मध्य प्रदेश के मुरैना जिले से स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को कटघरे में खड़ा करने वाला एक बेहद शर्मनाक मामला सामने आया है। यहां के जिला अस्पताल में जहां मासूमों का इलाज होना चाहिए, वहीं एक नाबालिग बच्ची से अस्पताल के वार्डों में झाड़ू-पोंछा लगवाया जा रहा है। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने अस्पताल प्रबंधन की संवेदनहीनता की पोल खोल दी है। वायरल वीडियो में सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि जिस महिला सफाई कर्मचारी को वार्ड की सफाई का जिम्मा दिया गया था, वह पास ही के बेड पर बैठकर आराम से मोबाइल चलाने में मशगूल है। उसने अपनी जिम्मेदारी एक छोटी सी बच्ची के कंधों पर डाल दी। बच्ची काफी देर तक अस्पताल परिसर में झाड़ू लगाती रही, लेकिन वहां मौजूद किसी भी जिम्मेदार अधिकारी या डॉक्टर ने उसे रोकने की जहमत नहीं उठाई।
बाल श्रम कानून की उड़ रही धज्जियां
एक तरफ सरकार ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ और बाल शिक्षा के बड़े-बड़े दावे करती है, वहीं दूसरी ओर सरकारी संस्थान में ही बाल श्रम को बढ़ावा दिया जा रहा है। अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर, जहाँ संक्रमण का खतरा सबसे ज्यादा रहता है, वहां एक नन्ही जान से कचरा साफ कराना न केवल गैरकानूनी है बल्कि अमानवीय भी है। वीडियो वायरल होने के बाद स्थानीय लोगों में भारी गुस्सा है। फिलहाल इस मामले ने तूल पकड़ लिया है। शहरवासी दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग इस लापरवाही पर क्या कड़ा कदम उठाता है और उन कर्मचारियों पर क्या कार्रवाई होती है जिन्होंने मासूम के हाथों में कलम की जगह झाड़ू थमा दी।




