दिल्ली में छत्तीसगढ़ के सांसदों संग केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने मनाया हरेली तिहार
गेड़ी चढ़कर याद किया बचपन, सोशल मीडिया पर साझा की तस्वीरें

नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ के लोकपर्व हरेली तिहार की रौनक राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भी देखने को मिली। केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने नई दिल्ली स्थित अपने आवास पर छत्तीसगढ़ के सांसदों के साथ हरेली तिहार पूरे विधि-विधान, श्रद्धा और आत्मीयता के साथ मनाया। इस अवसर पर तोखन साहू ने विधिवत पूजा-अर्चना कर अन्नदाता किसानों की सुख-समृद्धि, अच्छी फसल और छत्तीसगढ़ की निरंतर खुशहाली की कामना की। उन्होंने कहा कि हरेली केवल एक पर्व नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की माटी, किसान, प्रकृति और समृद्ध लोकसंस्कृति से जुड़ी भावनाओं का उत्सव है। हरेली के मौके पर पारंपरिक गेड़ी का भी आनंद लिया गया। तोखन साहू ने गेड़ी चढ़कर अपने बचपन की यादों को ताजा किया। उन्होंने कहा कि दिल्ली में रहते हुए भी हरेली के इस आयोजन के दौरान मन छत्तीसगढ़ की गलियों, गांवों और खेत-खलिहानों तक पहुंच गया। उन्होंने कहा कि अपनों के साथ हरेली मनाने का यह आत्मीय क्षण अपनी संस्कृति और जड़ों से जुड़े होने का सुखद अहसास कराता है। हरेली को छत्तीसगढ़ के प्रमुख लोकपर्वों में गिना जाता है। सावन अमावस्या के अवसर पर मनाए जाने वाले इस पर्व में किसान खेती-किसानी में उपयोग होने वाले हल, नांगर, कुदाली, फावड़ा और अन्य कृषि उपकरणों की पूजा-अर्चना करते हैं। इसके साथ ही पशुधन की देखभाल और पूजा की भी परंपरा है। ग्रामीण अंचलों में हरेली के दौरान गेड़ी चढ़ना, पारंपरिक खेल और सावन के झूलों की खास रौनक रहती है। घरों में गुड़ का चीला और गुलगुल भजिया जैसे पारंपरिक छत्तीसगढ़ी पकवान भी बनाए जाते हैं। इस तरह हरेली कृषि, प्रकृति, पशुधन, खान-पान और लोकपरंपराओं को एक साथ जोड़ने वाला पर्व है। आधुनिक जीवनशैली के दौर में भी हरेली की ये परंपराएं छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति को जीवंत बनाए हुए हैं और नई पीढ़ी को अपनी मिट्टी और जड़ों से जोड़ने का काम कर रही हैं।

