दुनिया

ऐसा देश जहां आज तक यहां नहीं मिला कोरोना का एक भी मामला

दुनिया में एक देश ऐसा भी है जहां महामारी की शुरुआत से लेकर अब तक कोरोना (Corona) का एक भी मामला सामने नहीं आया. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने भी इसकी पुष्टि की है. विश्व स्वास्थ्य संगठन की लिस्ट में मौजूद 196 देशों में केवल एक ही ऐसा देश है जहां कोरोना नहीं पहुंचा. देश का नाम है तुर्कमेनिस्तान.

तुर्कमेनिस्तान (Turkmenistan) में 3 जनवरी, 2022 से लेकर 23 दिसम्बर, 2022 तक कोरोना का एक भी मामला सामने नहीं आया. यहां बड़े स्तर पर वैक्सीनेशन प्रोग्राम चलाया गया है. 3 सितंबर 2022 तक यहां कुल 1 करोड़ 35 लाख से अधिक लोगों को वैक्सीन की डोज दी गई है. कोरोना को लेकर यहां सख्ती से गाइडलाइन को लागू किया गया और लोगों ने उसे अपनाया भी.

तुर्कमेनिस्तान ने फरवरी 2020 से दुनिया के किसी भी देश में जाने की रोक लगा दी है. मार्च में जब तीन विदेशी राजनयिकों का विमान वहां पहुंचा तो उसे भी वापस लौटा दिया गया. देश में आने वाली सभी जरूरी फ्लाइट्स को एकमात्र तुर्कमेनाबत इंटरनेशनल एय़रपोर्ट पर डाइवर्ट किया गया. यहां पर आने वाले सभी यात्रियों की जांच की व्यवस्था की, जिनमें संक्रमण का खतरा था उन्हें एयरपोर्ट पर बनाए गए अस्पतालों में क्वारंटीन किया गया.

यहां क्यों नहीं पहुंचा कोरोना

साल 2020 से जब चीन से दुनिया में कोरोना फैलना शुरू हुआ था तो तुर्कमेनिस्तान ने सबसे पहले एयरलाइंस पर लगाम कसी थी. महामारी की शुरुआत में ही यहां की सरकार ने सबसे पहले थाइलैंड और बीजिंग जाने वाले विमानों पर रोक लगा दी थी. इतना ही नहीं, शुरुआती दौर में ही तुर्कमेनिस्तान ने चीन और थाइलैंड में विमान भेज कर अपने देश के लोगों को निकाल लिया था. कोरोना को लेकर यहां सख्ती से गाइडलाइन को लागू किया गया और लोगों ने उसे अपनाया भी.

तुर्कमेनिस्तान ने फरवरी 2020 से दुनिया के किसी भी देश में जाने की रोक लगा दी है. खासकर उन जगहों पर जहां कोरोना के मामले तेजी से बढ़ रहे थी. मार्च में जब तीन विदेशी राजनयिकों का विमान वहां पहुंचा तो उसे भी वापस लौटा दिया गया. देश में आने वाली सभी जरूरी फ्लाइट्स को एकमात्र तुर्कमेनाबत इंटरनेशनल एय़रपोर्ट पर डाइवर्ट किया गया. यहां पर आने वाले सभी यात्रियों की जांच की व्यवस्था की. जिनमें संक्रमण का खतरा मिला उन्हें एयरपोर्ट पर खासतौर पर बनाए गए अस्पतालों में क्वारेंटीन किया गया.

तुर्कमेनिस्तान ने सभी इंटरनेशनल फ्लाइट्स ही कैंसिल कर दीं. केवल उन्हीं विमानों को देश में आने की अनुमति मिली जो राहत सामग्री, मदद और जरूरी लोगों को लेकर आ रही थीं. यहां का मुख्य एयरपोर्ट आबादी से काफी दूर होने के कारण अस्पतालों की व्यवस्था इसी के पास बनाई गई ताकि संक्रमण शहरी आबादी तक न पहुंचे. एयरपोर्ट के आसपास के क्षेत्र में ही अस्पताल की सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं.

सीमा के साथ शहरी और कस्बाई क्षेत्रों में कंट्रोल पॉइंट बनाए गए ताकि दूसरे रास्तों से आने वाले लोगों की जांच की जा सके. घरेलू उड़ानों में भी जांच और गाइडलाइन का सख्ती से पालन कराया गया. देश में स्पेशल मेडिकल ग्रुप बनाया गया जिनका काम केवल कोविड से बचाव के पूरे इंतजाम करना था. इस ग्रुप ने मुस्तैदी से अपनी जिम्मेदारी निभाई.

दुनियाभर में कोविड के मामले थमने के बाद जब वैक्सीन की बारी आई तो तुर्कमेनिस्तान की सरकार ने वैक्सीन को लेकर मुस्तैदी दिखाई. 3 सितंबर 2022 तक यहां कुल 1 करोड़ 35 लाख से अधिक लोगों को वैक्सीन की डोज दी गई है.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button