
वित्त मंत्री निर्माला सीतारमण ने आम बजट में रिकॉर्ड 2.40 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान कर भारतीय रेल को आधुनिकता की पटरी पर दौड़ाने का रास्ता साफ कर दिया है. पिछले नौ साल में सरकार ने रेलवे में पूंजीगत खर्च में सर्वाधिक नौ गुना (900 फीसदी) की बढ़ोतरी की है. वहीं, बजट में हाइड्रोजन ईंधन आधारित 35 ट्रेन चलाने का प्रस्ताव भी दिया गया है.
इस बजट में भारतीय रेल के लिए पूंजीगत खर्च को बढ़ाकर 2.40 लाख करोड़ रुपये कर दिया गया है, जो अब तक का सर्वाधिक है. चालू वित्त वर्ष के आम बजट में रेलवे के लिए 1.4 लाख करोड़ रुपये का आवंटन किया गया था, जिनमें से 1.37 लाख करोड़ रुपये पूंजीगत व्यय के लिए और 3,267 लाख करोड़ रुपये राजस्व व्यय के लिए निर्धारित किए गए थे.
बजट में सरकार ने हाइड्रोजन ईंधन आधारित 35 ट्रेन, साइड एंट्री के साथ 4,500 नए डिजाइन वाले ऑटोमोबाइल वाहक कोच, पांच हजार एलएचबी कोच और 58,000 वैगन के निर्माण का प्रस्ताव दिया है.
इस साल दिसंबर से चलाने की तैयारी रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुधवार को कहा कि देश में दिसंबर, 2023 से हाइड्रोजन ट्रेन चलेगी. उन्होंने कहा कि इसे भारत में डिजाइन और निर्मित किया जाएगा. पहले यह कालका-शिमला जैसे हेरिटेज सर्किट पर चलेगी और बाद में इसका विस्तार अन्य स्थानों पर किया जाएगा.
जरूरी परियोजनाओं की पहचान की गई
वित्तमंत्री ने कहा कि कोयला, उर्वरक और खाद्यान्न क्षेत्रों के लिए अंतिम और प्रथम-मील कनेक्टिविटी के लिए 100 महत्वपूर्ण परिवहन बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की पहचान की गई है. इन्हें 75,000 करोड़ रुपये के निवेश के साथ प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा. इसमें 15 हजार करोड़ रुपये निजी क्षेत्र का होगा.
आमदनी बढ़ेगी
बजट अनुमानों में यात्री, मालवाहन एवं अन्य साधनों और रेल भर्ती बोर्डों आदि से कुल आमदनी दो लाख 65 हजार करोड़ रुपये रहने की संभावना जताई गई है.


