कुतुब मीनार से तीन गुना बड़े आकार का क्षुद्रग्रह, पृथ्वी के नीचे छिपी पिघली चट्टान की परत का पता लगा

टेक्सास . वैज्ञानिकों ने पृथ्वी के नीचे आंशिक रूप से पिघली चट्टान की नई परत की खोज की है. यह खोज इस बहस को निपटाने में मदद कर सकती है कि टेक्टोनिक प्लेट कैसे गति करती है. शोधकर्ताओं ने पहले समान गहराई पर पिघले हुए धब्बों की पहचान की थी, लेकिन ऑस्टिन में टेक्सास विश्वविद्यालय के नए अध्ययन ने पहली बार परत की प्लेट टेक्टोनिक्स में इसके हिस्से का खुलासा किया. निष्कर्ष नेचर जियोसाइंस पत्रिका में प्रकाशित हुए थे. पिघली हुई परत सतह से लगभग 100 मील नीचे है और एस्थेनोस्फीयर का हिस्सा है.
यूरोपीय खगोलविदों की एक अंतरराष्ट्रीय टीम ने 100 से 200 मीटर लंबी वस्तु का पता लगाया है. नासा ने कहा कि नया खोजा गया क्षुद्रग्रह वेब द्वारा अब तक की सबसे छोटी खोज है और लंबाई में एक किलोमीटर से कम मापने वाली वस्तु का उदाहरण हो सकता है. जानकारी के मुताबिक, क्षुद्रग्रह मंगल और बृहस्पति के बीच स्थित है. इसका विवरण खगोल विज्ञान और खगोल भौतिकी पत्रिका में प्रकाशित किया गया है.
खगोलविदों ने कहा है कि इस वस्तु की प्रकृति और गुणों को बेहतर ढंग से चित्रित करने के लिए अधिक शोध की जरूरत है. मिड-इन्फ्रारेड इंस्ट्रूमेंट (एमआईआरआई) की मदद से इसके आंकड़ों की पहचान की गई.
जर्मनी में मैक्स प्लैंक इंस्टीट्यूट फॉर एक्स्ट्राटेरेस्ट्रियल फिजिक्स के खगोलशास्त्रत्त्ी थॉमस मुलर ने कहा कि एमआईआरआई के कुछ फिल्टर के प्रदर्शन का परीक्षण करने के लिए किए गए अवलोकनों में क्षुद्रग्रह पाया गया था. वैज्ञानिकों ने इस क्षुद्रग्रह का नाम 10920 दिया है. यह 4.5 अरब साल पहले सौरमंडल के जन्म से बचे हुए पदार्थ से बना है. यह प्रारंभिक सौरमंडल से बचे जीवाश्म अवशेष हैं.

