
मुरादाबाद . एमपी-एमएलए कोर्ट ने पंद्रह साल पुराने छजलैट बवाल में सपा नेता आजम खां और उनके विधायक बेटे अब्दुल्ला आजम को दोषी मानते हुए दोनों को दो-दो साल की सजा सुनाई है. जबकि इस प्रकरण में कोर्ट ने सपा के दो विधायकों समेत सात को बरी कर दिया.
दो साल की सजा के बाद अब अब्दुल्ला आजम की विधायकी जाना भी तय है. आजम और उनके बेटे की जमानत अर्जी कोर्ट ने मंजूर कर ली है. साथ ही सजा पर अपील दाखिल करने के लिए एक माह का समय दिया है. बसपा सरकार में दर्ज 15 साल पुराने केस का सोमवार को फैसला हुआ. अदालत ने बवाल व सरकारी कार्यो में बाधा के लिए पिता पुत्र को दोषी माना. सुनवाई में पुलिस कर्मियों समेत आठ ने गवाही दी.
बवाल जांच को लेकर हुआ था घटना दो जनवरी 2008 की है. आजम व अन्य नेता वैवाहिक समारोह में शामिल होने जा रहे थे. इसी दौरान छजलैट पुलिस चेकिंग कर रही थी. पुलिस ने वाहनों की चेकिंग करनी चाही तो काफिले में सवार सपा नेता भड़क गए और बवाल कर दिया.

