शिवसेना पर हक को दोनों शिंदे और उद्धव गुट अड़े

मुंबई . निर्वाचन आयोग के फैसले के बाद शिवसेना पर हक के लिए शिंदे और उद्धव गुट अड़े हुए हैं.
इसी बीच उद्धव गुट के नेता संजय राउत ने रविवार को दावा किया कि शिवसेना पार्टी के नाम एवं निशान तीर-धनुष को खरीदने के लिए सौदेबाजी हुई. पलटवार करते हुए शिंदे गुट के विधायक सदा सर्वांकर ने पूछा, क्या संजय राउत खजांची हैं.
कैविएट याचिका दायर उद्धव ठाकरे के हाथ से शिवसेना की कमान, उसका नाम और चुनाव चिह्न छीनने के बाद भी एकनाथ शिंदे शांत बैठने वाले नहीं हैं. उन्होंने रविवार को सुप्रीम कोर्ट में कैविएट याचिका दायर की. माना जा रहा है कि सोमवार को ठाकरे गुट भी चुनाव आयोग के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दे सकता है. ऐसे में ठाकरे गुट के किसी भी कदम से पहले ही शिंदे खेमा सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है.
निर्वाचन आयोग को बदनाम करने की कोशिश महाराष्ट्र के मंत्री और भाजपा नेता सुधीर मुंगतिवार ने यह कहते हुए राउत पर पलटवार किया कि उच्चतम न्यायालय एवं निर्वाचन आयोग जैसी स्वतंत्र संस्थाओं को बदनाम करने की कोशिश के तहत ऐसे बेबुनियाद आरोप लगाए जा रहे हैं.
शिंदे गुट के पक्ष में फैसला निर्वाचन आयोग ने दो दिन पहले 78 पन्नों के अपने फैसले में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाले धड़े को असली शिवसेना बताया था. उसे तीर-धनुष चुनाव निशान आवंटित किया था.
बिल्डर ने बात बताई राउत ने एक ट्वीट में दावा किया कि 2000 करोड़ रुपये के लेन-देन का यह शुरुआती आंकड़ा है. यह बात शत-प्रतिशत सच्ची है. उन्होंने संवाददाताओं से यह भी कहा कि सत्तारूढ़ गठबंधन के करीबी एक बिल्डर ने उन्हें यह बात बताई है. राज्यसभा सदस्य राउत ने कहा कि उनके दावे के पक्ष में सबूत हैं, जिसे वह शीघ्र ही सामने लाएंगे.


