
लखनऊ . बहुजन समाज पार्टी लोकसभा चुनाव के लिए यूपी में गठबंधन के लिए नई संभावनाएं तलाश रही है. खासकर समान विचारधारा वाले दलों पर मंथन चल रहा है. उनके साथ आने पर होने वाले नफा और नुकसान का आकलन किया जा रहा है.
ये वही दल होंगे जो न तो ‘एनडीए’ में है और न ही ‘इंडिया’ में. हालांकि, अभी इसका खुलासा नहीं किया गया है, लेकिन पार्टी सूत्रों का कहना है कि इसका खुलासा आने वाले कुछ महीनों में हो सकता है. बसपा का पिछले कई चुनावों में यूपी में प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा है. खासकर विधानसभा चुनाव 2022 में. बसपा इस चुनाव में सभी सीटों पर चुनाव लड़ी थी, लेकिन मात्र एक सीट ही जीत पाई. वोटिंग प्रतिशत उसका 12.08 फीसदी रहा. वर्ष 2019 के चुनाव में बसपा, सपा के साथ गठबंधन करते हुए चुनाव मैदान में उतरी थी. इस चुनाव में बसपा ने 10 सीटों पर जीत दर्ज की थी और उसका वोटिंग प्रतिशत 19.04 प्रतिशत था. बसपा पर पिछले लोकसभा चुनाव जैसा प्रदर्शन दोहराने की चुनौती है.
मायावती ने ऐलान कर रखा है कि इस बार वह न तो ‘एनडीए’ के साथ जाएंगी और न ही ‘इंडिया’ के साथ. पार्टी अपने दम पर चुनाव लड़ेगी, लेकिन वह अच्छी तरह से जानती हैं कि इन दोनों गठबंधन को टक्कर देने के लिए किसी सहारे की जरूरत पड़ेगी.


