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संसद का बजट सत्र 31 जनवरी से छह अप्रैल तक

नई दिल्ली . संसद का बजट सत्र 31 जनवरी से शुरू होगा और छह अप्रैल तक चलेगा. अगले साल होने वाले आम चुनाव के चलते इस साल के बजट पर सभी की निगाहें रहेंगी. चुनाव से पहले आने वाला यह आखिरी पूर्ण बजट होगा, जिसमें मोदी सरकार अपनी भावी योजनाओं व घोषणाओं के साथ आ सकती है. सत्र के दूसरे दिन एक फरवरी को आम बजट पेश किया जाएगा.

संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने बताया कि दो चरणों में होने वालसत्र में पहला सत्र 14 फरवरी तक, दूसरा चरण 12 मार्च से छह अप्रैल तक होगा. सत्र के दौरान 66 दिनों में 27 बैठकें होंगी. इस दौरान विभिन्न मंत्रालयों से जुड़ी संसद की स्थायी समितियों में बजट प्रावधानों पर विस्तृत चर्चा होगी.

सत्र की शुरुआत 31 जनवरी को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण से होगी. अगले दिन वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आम बजट पेश करेंगी. विपक्ष के पास आर्थिक से लेकर कई राजनीतिक मुद्दे होंगे, वहीं सरकार उपलब्धियों व भावी योजनाओं के साथ सत्र में उतरेगी. महंगाई-रोजगार के मुद्दे पर खास ध्यान रहेगा.

राजनीतिक रूप से सरकार-विपक्ष में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव व आम बजट पर चर्चा के दौरान टकराव देखने को मिल सकता है. विपक्ष सरकार को कठघरे में खड़ा करने के लिए और भी कई मुद्दे उठाने की तैयारी में है. ऐसे में पहला पखवाड़ा काफी गहमागहमी वाला रहेगा.

इस सबके बीच अब बजट सत्र आयोजित होने वाला है. बजट सत्र इसलिए जरूरी हो जाता है, क्योंकि इस वक्त दुनिया रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध के दौर से गुजर रही है. इस जंग ने वैश्विर स्तर पर आवश्यक वस्तुओं की कीमतों को प्रभावित किया है. विश्व बैंक और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने भी 2023 में आसन्न मंदी की चेतावनी दी है.

खुदरा मुद्रास्फीति दर 5.7 पर आई

राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) ने गुरुवार (12 जनवरी) को बताया कि भारत में खाद्य कीमतों में नरमी से दिसंबर में खुदरा मुद्रास्फीति 12 महीने के निचले स्तर 5.7 प्रतिशत पर आ गई. दिसंबर 2022 को समाप्त तिमाही लगातार चौथी तिमाही थी जब सीपीआई 6 प्रतिशत अंक से ऊपर रहा.

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