
नई दिल्ली . केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को वायुसेना के लिए 70 स्वदेशी प्रशिक्षण विमान खरीद को मंजूरी दे दी है. इन विमानों की खरीद हिन्दुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) से की जाएगी. इसके अलावा नौसेना के लिए लार्सन एंड ट्रुबो से तीन प्रशिक्षण पोतों की खरीद को भी स्वीकृति मिल गई है.
6828 करोड़ रुपये में खरीद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में ये फैसले किए गए. बाद में रक्षा मंत्रालय ने भी बयान जारी कर यह जानकारी दी. इसके अनुसार, एचएएल से की जाने वाली 70 एचटीटी-40 प्रशिक्षण विमानों की खरीद 6828 करोड़ रुपये में की जाएगी.
4500 लोगों को रोजगार मिलेगा अगले छह सालों के भीतर वायुसेना को विमान आपूर्ति की जाएगी. सरकार ने कहा कि इस खरीद से 1500 लोगों को प्रत्यक्ष और 100 उद्यमों में तीन हजार लोगों को अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा.
60 फीसदी स्वदेशी पुर्जे
एचटीटी-40 एक स्वदेशी विमान है. इसमें 56 फीसदी स्वदेशी पुर्जों का इस्तेमाल हुआ है लेकिन जब इसका निर्माण शुरू होगा तो यह बढ़कर 60 फीसदी तक पहुंच जाएगा. एचएएल विमान के कलपुर्जों की आपूर्ति के लिए भारतीय उद्योग जगत और एमएसएमई की भी मदद ले रहा है.
नए पायलटों को मिलेगी ट्रेनिंग
HTT-40 एयरक्राफ्ट नए भर्ती किए गए पायलटों के ट्रेनिंग सेशन के लिए भारतीय वायुसेना के बुनियादी ट्रेनिंग विमानों की कमी को पूरा करेगा. इस खरीद प्रक्रिया में सिमुलेटर साख संबंधित उपकरण और प्रशिक्षण सहायता भी मिलेगी.
स्वदेशी तकनीक से बने होने के कारण ये विमान कॉन्फिगर करने योग्य होंगे और भविष्य में भारतीय सेना अपनी जरूरतों के मुताबिक इसमें आवश्यक बदलाव कर सकेंगी. HTT-40 विमान में लगभग 56% स्वदेशी पुर्जों का इस्तेमाल किया गया है, जिसे बढ़ाकर 60 फीसदी तक किया जाएगा.
HAL अपनी आपूर्ति श्रृंखला के लिए MSME सहित भारतीय निजी उद्योग को भी शामिल करेगा. यह खरीद लगभग 1,500 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार और 100 से अधिक एमएसएमई में काम करने वाले कम से कम 3,000 लोगों को अप्रत्यक्ष रोजगार प्रदान करेगी.




