
रायपुर. पैसों का लालच देकर खमतराई क्षेत्र में रहने वाली तीन सगी नाबालिग बहनों को बेचने वाले दंपती को 14-14 साल की कैद और 1-1 लाख रुपए के अर्थदंड से दंडित किया गया है. वहीं अर्थदंड की राशि नहीं देने पर 1-1 वर्ष अतिरिक्त सजा सुनाई गई है. लोक अभियोजक के मुताबिक सितंबर 2018 को महेश गौतम (28) मिर्जापुर उत्तरप्रदेश और उसकी पत्नी ललिता देवारिन (30) वर्ष खैरागढ़ राजनांदगांव निवासी खमतराई निवासी महिला के पास पहुंचे. इस दौरान उन्होंने जीवनस्तर सुधारने का झांसा दिया. साथ ही उसकी तीनों लड़कियों को आर्केस्ट्रा में गाना गवाने तथा नाचा पार्टी में डांस करने के एवज में हर महीने 50 हजार से 1 लाख रुपए देने की बात कही. लालच देने के लिए 60000 रुपए नगद दिया. वहीं हर महीने रकम देने आश्वासन देकर उसके तीनों बच्चों को 6 सितंबर 2018 को अपने साथ ले गए.
देह व्यापार में धकेलने की तैयारी
तीनों नाबालिग लड़कियों को अपने साथ ले जाने के बाद उसकी सबसे छोटी पुत्री को बिहार के एक नट गिरोह को बेच दिया. साथ ही दो अन्य को वह मध्यप्रदेश के सिवनी ले गए. यहां बंधक बनाकर प्रताड़ित करने लगे. देहव्यापार में धकेलने की तैयारी भी चल रही थी. इसी दौरान उसकी लडक़ी ने बिहार से फोन कर अपनी मां को घटना की जानकारी दी. पीड़िता ने इसकी शिकायत 23 दिसंबर 2018 को खमतराई थाने में की. जहां पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने के बाद आरोपी और पीड़ित बालिका का मोबाइल लोकेशन ट्रैस कर तीनों ही लड़कियों को रेस्क्यू कर बरामद किया. आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद 23 फरवरी 2019 को कोर्ट में चालान पेश किया. अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश लीलाधर यादव ने पुलिस की केस डायरी और गवाहों के बयान के आधार पर फैसला सुनाया.

