
पोक्सो अदालत ने शनिवार को साढ़े चार साल की बच्ची से हैवानियत और हत्या के दोषी सोनू गुप्ता को मृत्युदंड की सजा सुनाई. अदालत ने इसे जघन्यतम घटना बताते हुए कहा कि अपराधी को फांसी के फंदे पर तब तक लटकाया जाए, जब तक की उसकी मौत नहीं हो जाती. अदालत ने घटना के 65 दिनों के भीतर फैसला सुनाया.
साहिबाबाद थाना क्षेत्र के सिटी फॉरेस्ट में एक दिसंबर 2022 को मासूम से दरिंदगी के बाद मुंह में कपड़ा ठूंसकर उसकी हत्या कर दी गई थी. मामले में पुलिस ने नंदग्राम क्षेत्र के रहने वाले सोनू गुप्ता को आठ दिसंबर को गिरफ्तार किया. शुक्रवार को पोक्सो कोर्ट ने युवक को दोषी ठहराया. बहस के दौरान बचाव पक्ष के अधिवक्ता न्याय मित्र ने अदालत से कम से कम सजा देने की दरख्वास्त की. उन्होंने तर्क दिया कि दोषी की आयु 20 साल है और यह उसका पहला अपराध है.
वहीं, अभियोजन पक्ष के संजीव बखारवा ने मृत्युदंड देने की अपील की. अदालत ने दोनों पक्ष को सुनने के बाद मृत्युदंड पर मुहर लगा दी.
