
नई दिल्ली . हिमाचल में भारी तबाही के बाद केंद्र सरकार पहाड़ी राज्यों के लिए ठोस आपदा रणनीति पर विचार कर रही है. राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) इस संबंध में लगातार कवायद कर रहा है. निर्माण सहित अन्य गतिविधियों को नियमित करने के लिए चर्चा के आधार पर ठोस ब्लूप्रिंट तैयार किया जाएगा.
माना जा रहा है कि पहले उत्तराखंड और अब हिमाचल की तबाही की बड़ी वजह अनियमित और अव्यवस्थित विकास योजना और बिना योजना के अंधाधुंध निर्माण है. पहाड़ी राज्यों के लिए एनडीएमए की पहले की रिपोर्ट और कई संसदीय समिति की सिफारिशों पर राज्यों की विकास योजना में तरजीह नहीं दी गई. एनडीएमए द्वारा प्रकाशित 2019 रणनीतिक दस्तावेज में भी खराब शहरी नियोजन, व्यापक भूमि उपयोग नीति की कमी, निर्माण कानूनों के ढीले प्रवर्तन और इन क्षेत्रों में अत्यधिक पर्यटन को चिह्नित किया गया था.

