दुनियाराष्ट्र

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने खालिस्तानी समर्थकों द्वारा हिंदू मंदिरों में तोड़फोड़ पर चिंता जताई

सिडनी . विदेश मंत्री एस जयशंकर ने खालिस्तानी समर्थकों द्वारा ऑस्ट्रेलिया के हिंदू मंदिरों में की गई तोड़फोड़ पर चिंता जताई है. शनिवार को उन्होंने कहा कि भारतीय समुदाय को निशाना बनाने वाली कट्टरपंथी गतिविधियों के खिलाफ ऑस्ट्रेलिया नकेल कसे.

अपने ऑस्ट्रेलियाई समकक्ष पेनी वोंग के साथ मुलाकात के दौरान उन्होंने मंदिरों में तोड़फोड़ समेत अन्य मुद्दों पर चर्चा की. बैठक के बाद जयशंकर ने ट्वीट कर कहा कि हमने द्विपक्षीय एजेंडे को आगे बढ़ाने पर जोर दिया. भारतीय समुदाय को प्रभावित करने वाली कट्टरपंथी गतिविधियों के खिलाफ नकेल कसने की आवश्यकता पर जोर दिया.

बता दें कि उनकी यह टिप्पणी हाल ही में आस्ट्रेलिया के तीन हिंदू मंदिरों में की गई तोड़फोड़ के संदर्भ में आई है. इसके अलावा इस सप्ताह ऑस्ट्रेलिया में एक प्रमुख हिंदू मंदिर को धमकी भरे फोन आया था. जिसमें उनसे शिवरात्रि मनाने के लिए खालिस्तान के समर्थन नारे लगाने के लिए कहा गया था.

जॉर्ज सोरोस पूर्वाग्रही और खतरनाक

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि अरबपति निवेशक जॉर्ज सोरोस बूढ़े, धनी, पूर्वाग्रही और खतरनाक हैं. वह विमर्श गढ़ने के लिए संसाधनों का निवेश करते हैं. उदारवादी मुद्दों का समर्थन करने वाले सोरोस ने गुरुवार को कहा था कि गौतम अडानी के कारोबारी साम्राज्य में जारी उठापटक सरकार पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पकड़ को कमजोर कर सकती है. रायसीनासिडनी परिचर्चा में जयशंकर ने कहा कि सोरोस न्यूयार्क में बैठे बूढ़े, धनी और पूर्वाग्रही व्यक्ति हैं, जो अभी भी यह सोचते हैं कि दुनिया कैसे काम करती है, वह उनके विचारों के आधार पर तय हो. जयशंकर ने कहा कि अगर मैं इतने पर भी रुक सकता था तो रुक जाता पर वह (सोरोस) खतरनाक भी हैं.

सिडनी. जयशंकर ने कहा कि भारत की आर्थिक स्थिति और निवेश में सकारात्मक माहौल की वजह मुश्किल समय में लिया गया फैसला है. उन्होंने कहा, आर्थिक विश्वास हमारी विनिर्माण की क्षमता में देखा जा सकता है. मंत्री ने रेखांकित किया कि भारतीय प्रतिभा का उल्लेखनीय आगमन ऑस्ट्रेलिया में हुआ है.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button