
दुनिया की सबसे बड़ी ई-कॉमर्स कंपनी में 18 हजार लोगों की छंटनी उसके इतिहास में नौकरियों में यह सबसे बड़ी कटौती होगी. अमेजन के सीईओ एंडी जैस्सी ने कर्मचारियों को भेजे संदेश में कहा कि छंटनी का ज्यादातर असर कंपनी के अमेजन फ्रेश, अमेजन गो और मानव संसाधन तथा अन्य कार्यों को संभालने वाले पीएक्सटी संगठन पर पड़ेगा. कंपनी ने कहा है कि यह उसके लिए मुश्किल समय है.
एचपी ने छह हजार, सिस्को ने चार हजार से अधिक,माइक्रोसॉफ्ट ने एक हजार, इंटेल ने 20 फीसदी, सीगेट ने तीन हजार कर्मचारियों की छंटनी की है. टेस्ला ने भी बड़ी संख्या में छंटनी की है. इसके अलावा एप्पल, क्वालकॉम और एडॉब ने भी बड़ी संख्या में छंटनी का संकेत दिया है. वहीं भारत में खर्च कटौती के नाम पर बॉयजू, ओला और स्विगी समेत कई स्टार्टअप ने बड़े पैमाने पर कर्मचारी हटाए हैं.
महंगाई की चिंता के बीच मंदी की आशंका से दुनियाभर की कंपनियों ने छंटनी तेज कर दी है. इसमें अमेजन, सेल्सफोर्स और टेस्ला के साथ बायजू जैसी दिग्गज कंपनियां सबसे आगे हैं. अमेजन ने 18 हजार लोगों की छंटनी का ऐलान किया है.
इसके अलावा सॉफ्टवेयर कंपनी सेल्सफोर्स ने आठ हजार कर्मचारियों को निकालने का ऐलान किया है. रिपोर्ट के अनुसार केवल पिछले साल नवंबर में दुनियाभर में आईटी कंपनियों 50 हजार से अधिक की छंटनी हुई है. जबकि एक साल में करीब डेढ़ लाख की छंटनी हुई है.
सोशल मीडिया की दिग्गज कंपनियों में शामिल फेसबुक की मूल कंपनी मेटा और ट्विटर ने पिछले कुछ माह में 21 हजार से अधिक लोगों को बाहर किया है. फेसबुक ने 11 हजार लोगों की छंटनी का ऐलान किया है. वहीं ट्विटर पिछले कुछ माह में 10 हजार से अधिक कर्मचारियों को नौकरी से निकाल चुकी है. इन कंपनियों ने अपनी घटती कमाई को इसकी वजह बताया है.


