
मजबूत वैश्विक रुख के बीच सर्राफा बाजार में बुधवार को सोने का भाव 1,025 रुपये के उछाल के साथ 61,080 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया. यह सोने का सर्वकालिक सर्वोच्च स्तर है. इससे पहले बीते 20 मार्च को सोने का भाव 60,100 रुपये के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा था. वहीं, चांदी की कीमत भी 1,810 रुपये के उछाल के साथ 73,950 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई.
विशेषज्ञों के अनुसार, दुनियाभर में बैंकिंग संकट की लहर ने वैश्विक बाजारों को प्रभावित किया है. इससे सर्राफा में तीन साल की सबसे बड़ी साप्ताहिक वृद्धि दर्ज हुई है. मल्टी कमॉडिटी एक्सचेंज पर भी सोने का भाव 61,145 रुपये तक पहुंच गया. यह इसका 22 माह का सर्वोच्च स्तर है. वहीं, अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने ने 13 माह से रिकॉर्ड स्तर को छू लिया और 2,032 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गया. चांदी भी ने 12 माह का सर्वकालिक उच्च स्तर तोड़ दिया.
आईआईएफएल सिक्योरिटीज में उपाध्यक्ष अनुज गुप्ता ने कहा कि दुनियाभर में बैंकिंग सिस्टम के तंग हाल से सर्राफा बाजार में जबरदस्त प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है. अनिश्चितता के दौर में सोने को सबसे सुरक्षित निवेश माना जाता है. यही वजह है कि बैंकिंग संकट और मंदी की आशंका ने सोने की चमक को बढ़ा दिया है. उनका अनुमान है कि अगले एक महीने में सोने की कीमत 62,000 रुपये प्रति 10 ग्राम पहुंच सकती है.
कीमती धातुओं के भाव हर उस मौके पर बढ़ जाते हैं, जब आर्थिक मोर्चे पर चुनौतियां आती हैं. दुनियाभर के निवेशक आर्थिक अनिश्चितता के माहौल में सुरक्षित निवेश की तलाश करते हैं और ऐसे में वे कीमती धातुओं खासकर सोने की खरीद करते हैं. अभी बैंकिंग संकट के मद्देनजर बाजार में उथल-पुथल है. वहीं, ब्याज दरों के बढ़ने से भी सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की मांग बढ़ रही है.

