
केंद्र सरकार ने हज को लेकर अहम फैसला लिया है. सूत्रों के मुताबिक, सरकार ने हज में वीआईपी कोटे को खत्म कर दिया है. बता दें कि राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, अल्पसंख्यक कार्य मंत्री और हज कमेटी को कोटे के तहत सीटें मिलती थीं.
हज में राष्ट्रपति कोटे से 100, उपराष्ट्रपति कोटे से 75, पीएम कोटे से 75, अल्पसंख्यक कार्य मंत्री कोटे से 50 और हज कमेटी ऑफ इंडिया को 200 सीटें मिलती थीं. वीआईपी कोटे में कुल 500 सीटें थीं
नई पॉलिसी के ड्राफ्ट में इसको खत्म किया गया है. अब सारे हज यात्री हज कमेटी और प्राइवेट टूर ऑपरेटर्स के जरिए जाएंगे. सरकार की हज पॉलिसी बहुत जल्द आने वाली है. सरकार के इस फैसले के बाद अब वीआईपी तीर्थयात्री भी आम तीर्थयात्री की तरह यात्रा करेंगे. हाल ही में सरकार और सऊदी अरब ने हज 2023 के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए, जिसमें 1,75,000 से अधिक भारतीय तीर्थयात्रियों को वार्षिक यात्रा करने की अनुमति दी जाएगी.
साल 2019 में 24 लाख लोगों ने वार्षिक यात्रा में हिस्सा लिया था लेकिन 2020 में महामारी के कारण लगाए गए लॉकडाउन के चलते सऊदी अरब ने हजयात्रियों की संख्या को सिर्फ 1000 तक सीमित कर दिया. यह कदम अभूतपूर्व था क्योंकि 1918 की फ्लू महामारी के दौरान भी ऐसा नहीं किया गया था जब दुनिया भर में करोड़ों लोगों की जान बीमारी से चली गई थी. साल 2021 में सऊदी अरब के करीब 60 हजार निवासियों को हज यात्रा की इजाजत दी गई. पिछले साल करीब 10 लाख लोगों ने वार्षिक धार्मिक यात्रा की थी.
हज कमेटी ऑफ इंडिया (एचसीओआई) के सदस्य एर एजाज हुसैन ने कहा, भारत सरकार ने हज 2023 के लिए सऊदी अरब साम्राज्य के साथ एक द्विपक्षीय समझौते पर हस्ताक्षर किए. इस साल, भारत के 175025 तीर्थयात्री हज करेंगे. बता दें कि पिछले दो सालों से कोरोना वायरस के कारण हज यात्रा में जाने वाले यात्रियों में कमी आई थी.
कोरोना महामारी के चलते यात्रा को लेकर कई तरह के प्रतिबंध लगाए गए थे. कोरोना को देखते हुए सऊदी अरब ने भी पूरी दुनियाभर के देशों के लिए यात्रियों का कोटा कम कर दिया था. हालांकि इस साल यानी 2023 में बिना किसी प्रतिबंध के यात्रा की जा सकती है. ऐसे में हज यात्रियों की संख्या में बड़ा इजाफा हो सकता है.

